Himachal Pradesh News: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कैबिनेट ने राज्य की महिलाओं के लिए बड़ा फैसला किया है। सरकार ने बीपीएल और ₹2 लाख से कम सालाना आय वाले परिवारों की महिलाओं को ₹1500 मासिक पेंशन देने की मंजूरी दे दी। कैबिनेट की इस बैठक में कई अन्य जनहितैषी योजनाओं पर भी मुहर लगी।
चार लाख महिलाओं को मिलेगा मासिक पेंशन का लाभ
इस ऐतिहासिक फैसले से प्रदेश की लगभग चार लाख महिलाएं सीधे तौर पर लाभान्वित होंगी। हालांकि, वास्तविक संख्या नई जनगणना के आंकड़ों के आने के बाद ही तय होगी। वर्तमान में राज्य की 35 हजार महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि का लाभ पहले ही मिल रहा है।
कांग्रेस ने दिसंबर 2022 के विधानसभा चुनाव में 18 साल से ऊपर की सभी महिलाओं को आर्थिक मदद की गारंटी दी थी। उस समय योजना में आय की कोई सीमा तय नहीं थी। अब कैबिनेट ने इस योजना में ₹2 लाख की सालाना पारिवारिक आय की शर्त को अनिवार्य कर दिया है।
कर्मचारियों के मानदेय में की गई भारी बढ़ोतरी
कैबिनेट ने बजट घोषणाओं को लागू करते हुए मिड डे मील वर्कर्स और एसएमसी शिक्षकों का मानदेय ₹500 बढ़ा दिया है। इसके साथ ही मल्टी टास्क वर्कर्स और पंचायत चौकीदारों के वेतन में भी ₹500 की वृद्धि होगी। सिलाई अध्यापिकाओं के मासिक मानदेय में ₹1000 की बड़ी बढ़ोतरी की गई है।
लोक निर्माण विभाग में कार्यरत मल्टी टास्क वर्कर्स का वेतन भी ₹5500 से बढ़ाकर ₹6000 कर दिया गया है। सरकार ने प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत अब राज्य के जिलों, सब डिवीजनों और सभी ब्लॉकों की सीमाओं को दोबारा तय किया जाएगा।
चंडीगढ़ के पास बसेगा नया आधुनिक शहर
सुक्खू कैबिनेट ने चंडीगढ़ के समीप 8 हजार बीघा भूमि पर ‘हिम चंडीगढ़’ नामक नया शहर बसाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसके अलावा युवाओं को रोजगार देने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और पुलिस विभाग में सैकड़ों पदों को सीधी भर्ती से भरने की मंजूरी दी गई है।
मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी गई है। प्रदेश की सभी व्यावसायिक दुकानें अब 24 घंटे खुली रह सकेंगी। इसके अतिरिक्त मछुआरों के लिए फिशिंग रॉयल्टी को 7 फीसदी से घटाकर मात्र 1 फीसदी कर दिया गया है।
Author: Sunita Gupta


