Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। धर्मशाला स्थित क्षेत्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट ने परीक्षा प्रणाली की पोल खोल दी है। बिलासपुर जिले के एक परीक्षा केंद्र पर छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई थी।
बिलासपुर के परीक्षा केंद्र पर हुआ कॉपियों से खिलवाड़
बोर्ड अध्यक्ष राजेश शर्मा ने बताया कि बिलासपुर के झंडूता स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में यह गंभीर खेल हुआ। इस सेंटर पर जेओरा स्कूल के 11 छात्रों सहित कुल 40 बच्चों ने परीक्षा दी थी। आर्ट्स स्ट्रीम के 9 छात्रों ने बोर्ड को लिखित शिकायत देकर अपने भविष्य की सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
छात्रों का आरोप था कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं के मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन्स यानी एमसीक्यू सेक्शन में गलत इरादे से बदलाव किया गया है। शिकायत के बाद बोर्ड ने अक्टूबर 2025 में सभी पीड़ित छात्रों को मुख्यालय बुलाया। वहां विषय विशेषज्ञों की मौजूदगी में छात्रों की मूल कॉपियों की बारीकी से दोबारा जांच की गई।
फॉरेंसिक लैब की जांच रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
बोर्ड ने पुख्ता सबूत जुटाने के लिए विवादित उत्तर पुस्तिकाओं को तुरंत क्षेत्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था। फॉरेंसिक जांच की अंतिम रिपोर्ट आते ही कॉपियों में अवैध तरीके से छेड़छाड़ की बात पूरी तरह सच साबित हो गई। इसके बाद बोर्ड प्रशासन ने इस पूरे मामले में सख्त रुख अपना लिया है।
जांच कमेटी ने पाया कि परीक्षा केंद्र से कॉपियां भेजने वाले टैम्पर-प्रूफ लिफाफों के सीरियल नंबर पैकिंग मेमो से अलग थे। इससे साफ जाहिर होता है कि परीक्षा केंद्र स्तर पर या परिवहन के दौरान इन महत्वपूर्ण लिफाफों को बदला गया था। यह पूरी गड़बड़ी एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा लगती है।
पीड़ित बोर्ड परीक्षार्थियों को मिलेंगे अब कंपंसेटरी मार्क्स
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में मासूम छात्रों का कोई दोष नहीं है। उनके शैक्षणिक करियर को बचाने के लिए बोर्ड नियमों के तहत प्रभावित सवालों के बदले कंपंसेटरी मार्क्स देगा। बोर्ड ने कड़ी कार्रवाई के लिए पूरी रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेज दी है।
Author: Sunita Gupta


