Himachal Pradesh News: मंडी जिले के करसोग विकास खंड में प्रशासनिक लापरवाही का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पंचायत समिति के मैहंडी वार्ड में मतदान के समय बैलेट पेपर से एक बीडीसी उम्मीदवार का नाम ही गायब मिला। इस गंभीर चूक के कारण जिला प्रशासन की तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन ने तुरंत बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने मैहंडी वार्ड का चुनाव तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। इसके साथ ही उपायुक्त ने इस पूरी लापरवाही की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन करते हुए सख्त आदेश जारी किए हैं।
गुस्साए मतदाताओं के हंगामे के बाद खुली बड़ी प्रशासनिक पोल
मैहंडी वार्ड से इस बार कुल सात उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनावी मैदान में उतरे इन प्रत्याशियों में इंद्र देव, तेजराम, नरेश कुमार, तेजराम, रूप लाल, सतीश कुमार और होशियार सिंह शामिल हैं। मंगलवार सुबह जैसे ही मतदान प्रक्रिया शुरू हुई, तो वहां मौजूद मतदाता पूरी तरह हैरान रह गए।
जागरूक मतदाताओं ने देखा कि मतपत्र से प्रत्याशी होशियार सिंह का नाम और चुनाव चिह्न गायब है। इस पर मतदाताओं और प्रत्याशी के समर्थकों ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए पोलिंग पार्टी से शिकायत की। देखते ही देखते बूथ पर भारी हंगामा खड़ा हो गया और प्रशासन को मतदान रोकना पड़ा।
लापरवाह सहायक निर्वाचन अधिकारी पर गिरेगी निलंबन की गाज
मामले की सूचना मिलते ही जिला निर्वाचन अधिकारी मंडी अपूर्व देवगन ने करसोग के एसडीएम गौरव महाजन को तुरंत मौके पर रवाना किया। उपायुक्त ने एसडीएम को इस पूरी घटना की विस्तृत जांच का जिम्मा सौंपा है। प्रारंभिक जांच में सहायक निर्वाचन अधिकारी (एआरओ) की घोर लापरवाही और गंभीर गलती सामने आई है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया में इतनी बड़ी लापरवाही बरतने के लिए एआरओ पर निलंबन की गाज गिरना तय माना जा रहा है। मैहंडी, बरलोग और थर्मी थाच पंचायत को मिलाकर बने इस वार्ड के हजारों मतदाताओं में चुनाव स्थगित होने से भारी निराशा और गुस्सा देखा जा रहा है।
Author: Sunita Gupta

