Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में एक अनोखा चुनावी मुकाबला देखने को मिल रहा है। यहां के हटवास गांव निवासी 94 वर्षीय कॉमरेड परस राम इस उम्र में भी उपप्रधान पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। उनकी इस हिम्मत और जनसेवा के जज्बे को देखकर हर कोई हैरान है।
हाथ में डंडा और झोला लेकर घर-घर दस्तक
वर्ष 1932 में जन्मे बुजुर्ग परस राम रोज सुबह आठ बजे अपने हाथ में लाठी और बगल में झोला लटकाकर चुनाव प्रचार के लिए निकल जाते हैं। वह चिलचिलाती धूप में भी मतदाताओं के घर जाकर वोट मांगते हैं। झोले से पोस्टर निकालकर वह अपनी योजनाएं लोगों को समझाते हैं और दोपहर बाद घर लौटते हैं।
क्षेत्र से नशा खत्म करने का संकल्प और यादें
परस राम का मुख्य उद्देश्य समाज से नशे की बुराई को पूरी तरह खत्म करना है। वह हर गरीब के लिए भोजन, कपड़ा और मकान जैसे बुनियादी अधिकार चाहते हैं। उनकी 80 वर्षीय पत्नी शीला देवी उनकी जीत के लिए प्रार्थना कर रही हैं। वह मुफ्त इलाज के लिए पूर्व मंत्री दिवंगत जीएस बाली को आज भी धन्यवाद देती हैं।
पैंतीस साल बाद दोबारा चुनावी मैदान में उतरे परसराम
कॉमरेड परस राम ने करीब 35 साल पहले भी स्थानीय निकाय का चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में उन्हें 450 वोट मिले थे, लेकिन वे हार गए थे। कम्युनिस्ट पार्टी के पुराने कार्यकर्ता होने के कारण लोग उन्हें आज भी आदर से ‘कामरेड’ बुलाते हैं। राजनीति की अधूरी इच्छा पूरी करने के लिए वे फिर मैदान में हैं।
Author: Sunita Gupta

