‘इतना सेंटिमेंटल मत बनिए’, CJP विवाद पर CJI सूर्यकांत की टिप्पणी से फिर गरमाई सोशल मीडिया बहस

New Delhi News: कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP को लेकर शुरू हुआ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता से कहा, “इसे इतना सेंटिमेंटली मत लें।” इसके बाद सोशल मीडिया पर CJP को लेकर बहस फिर तेज हो गई।

याचिकाकर्ता ने अदालत से मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि सोशल मीडिया पर CJP से जुड़ा नैरेटिव जानबूझकर फैलाया जा रहा है। इससे न्यायपालिका की छवि प्रभावित हो रही है। याचिका में कोर्टरूम की मौखिक टिप्पणियों के कथित व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग भी की गई।

फर्जी डिग्री मामले की जांच की भी मांग

सुनवाई के दौरान वकील ने अदालत को बताया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया की चेयरपर्सन ने कथित रूप से 35 से 40 प्रतिशत फर्जी कानून डिग्रियों का मुद्दा उठाया था। याचिका में इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी शामिल की गई। कोर्ट ने कहा कि मामले को गंभीरता से देखा जाएगा, लेकिन फिलहाल कोई आपात स्थिति नहीं है।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सुनवाई में कहा कि अदालत तथ्यों की पूरी जांच के बाद ही आगे कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि न्यायिक प्रक्रिया को जल्दबाजी में प्रभावित नहीं किया जा सकता। बेंच ने मामले में विस्तृत पड़ताल के लिए समय लेने की बात कही।

16 मई की टिप्पणी के बाद बढ़ा विवाद

यह पूरा विवाद 16 मई को CJI सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था। उस दौरान उन्होंने फर्जी डिग्रियों के जरिए पेशे में आने वालों पर टिप्पणी की थी। बाद में सोशल मीडिया पर इसे बेरोजगार युवाओं से जोड़कर वायरल किया गया। इसके बाद “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से एक ऑनलाइन अभियान तेजी से फैलने लगा।

विवाद बढ़ने के बाद CJI सूर्यकांत ने सार्वजनिक रूप से सफाई भी दी थी। उन्होंने कहा था कि उनकी टिप्पणी युवाओं के खिलाफ नहीं थी। उनका निशाना केवल वे लोग थे, जो नकली और फर्जी डिग्रियों के जरिए कानूनी पेशे में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके मौखिक बयान को गलत तरीके से पेश किया गया।

सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ा CJP अभियान

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और एक्स पर CJP तेजी से वायरल हुआ। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इस अभियान को करोड़ों फॉलोअर्स मिले। इसे युवा बेरोजगारी, महंगाई और व्यवस्था पर व्यंग्य के रूप में देखा गया। कुछ विश्लेषकों ने इसे डिजिटल राजनीतिक व्यंग्य का नया चेहरा भी बताया।

Author: Adv Anuradha Rajput

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