पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने तोड़ी आम जनता की कमर, अचानक बढ़ी इलेक्ट्रिक बाइकों की बंपर डिमांड

Uttar Pradesh News: पेट्रोल और डीजल की लगातार आसमान छूती कीमतों ने आम जनता का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। ईंधन के बढ़ते खर्च से परेशान लोग अब ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक बाइकों को तेजी से अपना रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में ही जिले के बाजार में ई-बाइकों की बिक्री करीब 10 फीसदी तक बढ़ गई है।

सिर्फ 12 दिनों में चार बार बढ़े ईंधन के दाम

जिले में पिछले 12 दिनों के भीतर तेल कंपनियों ने चार बार कीमतें बढ़ाई हैं। सोमवार को एक बार फिर पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर का बड़ा इजाफा हुआ। इस बढ़ोतरी के बाद अब जिला स्तर पर पेट्रोल 102.27 रुपये और डीजल 95.76 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।

इससे पहले भी मई महीने की अलग-अलग तारीखों को दोनों ईंधनों के दामों में भारी बढ़ोतरी हुई थी। ईंधन पर रोजाना हो रहे इस बेतहाशा खर्च से मध्यवर्ग बेहद परेशान है। लोग अब ऐसे नए विकल्प तलाश रहे हैं, जो उनकी जेब पर पड़ने वाले इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ को काफी हद तक कम कर सके।

युवाओं और नौकरीपेशा लोगों की पहली पसंद बनी ई-बाइक

इलेक्ट्रिक वाहनों के कारोबारियों का कहना है कि ई-बाइक की सबसे बड़ी खासियत इसका बेहद कम मेंटेनेंस और किफायती होना है। यह कम खर्च में बहुत आसानी से लंबी दूरी तय करती है। खासकर युवा वर्ग, प्राइवेट नौकरीपेशा लोग और डिलीवरी बॉयज अब पेट्रोल बाइक की जगह इलेक्ट्रिक मॉडल को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं।

स्थानीय डीलर पंकज तिवारी ने बताया कि पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने अब ग्राहकों की सोच को पूरी तरह बदल दिया है। पहले जहां शोरूम से महीने भर में बमुश्किल 10 ई-बाइक बिकती थीं, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 15 के पार पहुंच चुका है। ग्राहक रोजाना का खर्च बचाने के लिए इसे हाथों-हाथ खरीद रहे हैं।

सरकारी योजनाओं और आसान चार्जिंग से मिला बढ़ावा

घर पर आसान चार्जिंग सुविधा और सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी भी ग्राहकों को खूब आकर्षित कर रही है। पेट्रोल पंपों पर पहुंचे वाहन चालकों का कहना है कि यह उनकी मजबूरी और जरूरत दोनों बन चुका है। अगर तेल की कीमतें ऐसे ही बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में पेट्रोल गाड़ियां पूरी तरह बंद हो जाएंगी।

विशेषज्ञों के मुताबिक पर्यावरण के अनुकूल होना और ध्वनि प्रदूषण न फैलाना भी इसकी लोकप्रियता की बड़ी वजह है। मासिक बजट में भारी बचत होने के कारण लोग पुराना वाहन बेचकर भी नए इलेक्ट्रिक मॉडल अपना रहे हैं। आने वाले समय में जिले का पूरा ऑटोमोबाइल बाजार पूरी तरह इलेक्ट्रिक व्हीकल में बदल सकता है।

Author: Karan Kumar

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