Uttar Pradesh News: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर उन्नाव जिले के औरास के पास आज सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार स्लीपर बस के पलटने से छह लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस जांच में हादसे की मुख्य वजह ड्राइवर की लापरवाही सामने आई है।
यह दर्दनाक हादसा औरास थाना क्षेत्र के निंभाखेड़ा मोड़ के पास सुबह करीब छह बजे हुआ। श्री सरोज ट्रैवल्स की इस स्लीपर बस में करीब 45 यात्री सवार थे। हादसे के वक्त सभी यात्री गहरी नींद में थे कि अचानक जोरदार झटका लगा और चीख-पुकार मच गई।
सौ की स्पीड पर झपकी आने से अंडरपास की पुलिया से टकराई बस
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक बस चालक वाहन को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ा रहा था। इसी दौरान उसे अचानक नींद की तेज झपकी आ गई। रफ्तार अधिक होने के कारण ड्राइवर वाहन पर से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो बैठा।
बेकाबू बस सीधे अंडरपास की पुलिया के डिवाइडर से टकरा गई। इसके बाद वह बाईं ओर लगी एल्युमिनियम गार्ड रेलिंग को तोड़ते हुए पलट गई। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, यूपीडा की टीम और औरास पुलिस तुरंत राहत कार्य के लिए घटना स्थल पर पहुंचे।
कोर्ट में बयान दर्ज कराकर कैदी को दिल्ली से ला रहे थे दारोगा
हादसे में जान गंवाने वालों में बिहार पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) और एक कैदी भी शामिल हैं। दरअसल बिहार पुलिस के दारोगा और सिपाही एक कैदी को दिल्ली कोर्ट में बयान दर्ज कराने ले गए थे। वे रात में इसी बस से वापस लौट रहे थे।
दुर्घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतार लग गई। करीब एक घंटे तक हाईवे का एक पूरा ट्रैक बंद रहा। यूपीडा ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को हटवाकर यातायात सुचारू कराया। डीएम घनश्याम मीना और एसपी जयप्रकाश सिंह ने भी घटना स्थल का जायजा लिया।
हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों और गंभीर घायलों की हुई पहचान
पुलिस ने मृतकों की शिनाख्त बिहार के सीवान निवासी दारोगा रविचरन, हरियाणा के कैदी छत्रपाल तोमर, गोरखपुर के सुरेश कुमार व विजेशी गुप्ता और बस्ती के विजय कुमार के रूप में की है। इसके अलावा हादसे में करीब 22 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
घायलों में वसीम, गोलू, रोहन, विनय, धीरज, अरुण, सुरेंद्र, अमरदीप, फरमान, शाहिद, सोम अली, धनंजय, विष्णु, अरविंद, राहुल, गणेश, आर्यन, लारेब, परमजीत, श्वेता और बिंद्रावती शामिल हैं। औरास सीएचसी से प्राथमिक इलाज के बाद 21 गंभीर मरीजों को केजीएमयू लखनऊ रेफर किया गया है।
Author: Ajay Mishra


