अमेरिका-ईरान युद्ध ने बिगाड़ा आपका बजट! 2 अप्रैल से हवाई सफर हुआ इतना महंगा, इंडिगो ने झटके में बढ़ाए दाम

National News: अमेरिका और ईरान के बीच भड़की जंग का सीधा असर अब आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है। मध्य पूर्व में जारी इस भारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई है। इसका सबसे बड़ा असर एविएशन सेक्टर पर दिखा है। एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा होने से एयरलाइंस ने उड़ानों का किराया बढ़ाना शुरू कर दिया है। देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो ने यात्रियों पर 10 हजार रुपये तक का अतिरिक्त एटीएफ चार्ज लगा दिया है। नया नियम 2 अप्रैल 2026 की आधी रात से बुक होने वाले टिकटों पर लागू हो जाएगा।

घरेलू उड़ानों पर कितना बढ़ा किराया?

किराये में यह भारी बढ़ोतरी उड़ान की दूरी के आधार पर तय की गई है। इंडिगो ने घरेलू रूट्स पर 275 रुपये से लेकर 950 रुपये तक का चार्ज लगाया है। अब शून्य से 500 किलोमीटर तक की उड़ान पर आपको 275 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। वहीं 500 से 1000 किलोमीटर के सफर के लिए 400 रुपये का चार्ज तय किया गया है। अगर दूरी 1000 से 1500 किलोमीटर है, तो 600 रुपये चुकाने होंगे। इसी तरह 1500 से 2000 किलोमीटर पर 800 रुपये और 2000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर 950 रुपये का फ्यूल चार्ज लगेगा।

विदेश जाना हुआ सबसे ज्यादा महंगा

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर महंगाई की सबसे तगड़ी मार पड़ी है। एयरलाइन ने विदेशी रूट्स पर 900 रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक का भारी फ्यूल चार्ज लगाया है। भारतीय उपमहाद्वीप में 500 किलोमीटर तक 900 रुपये और उससे ज्यादा पर 2500 रुपये लगेंगे। मिडिल ईस्ट के लिए 2000 किलोमीटर तक 3000 रुपये और उससे अधिक पर 5000 रुपये का चार्ज है। साउथ-ईस्ट एशिया और चीन के लिए यह चार्ज 3500 से 5000 रुपये के बीच है। अफ्रीका जाने वालों को 5000 रुपये देने होंगे। ग्रीस और तुर्की के लिए 7500 रुपये अतिरिक्त लगेंगे। सबसे ज्यादा 10 हजार रुपये का चार्ज यूके और यूरोप की उड़ानों पर लगाया गया है।

क्या आगे और भी महंगे होंगे टिकट?

एविएशन एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि हालात नहीं सुधरे तो मुश्किलें और बढ़ेंगी। अमेरिका और ईरान का तनाव खिंचने पर तेल के दाम आसमान छू सकते हैं। ऐसे में विमानन कंपनियों के लिए खर्च संभालना नामुमकिन हो जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि टिकट और महंगे हो सकते हैं। हालांकि इंडिगो का कहना है कि उसने यात्रियों पर पूरा बोझ नहीं डाला है। कंपनी हालात पर लगातार नजर रख रही है। इधर बढ़ती महंगाई के बीच सरकार ने भी दखल दिया है। पेट्रोलियम और उड्डयन मंत्रालय ने घरेलू एटीएफ कीमतों में सिर्फ 25 प्रतिशत की आंशिक बढ़ोतरी की बात कही है। इस बढ़ोतरी को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

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