मेरठ की सड़कों पर पार्किंग का संकट, 50 स्थलों की जरूरत, सिर्फ 5 पर व्यवस्था

Meerut News: स्मार्ट सिटी में चयनित होने के बाद भी मेरठ शहर का हाल किसी कस्बे से कम नहीं है। दिनभर जाम से जूझती सड़कें इस शहर की स्मार्टनेस को बिगाड़ देती हैं। शहर की सबसे बुनियादी समस्या पार्किंग का समाधान नहीं है। नगर निगम द्वारा शहर में महज पांच जगहों पर पार्किंग संचालित की जा रही है, जबकि शहर की जरूरत 50 से अधिक स्थानों पर पार्किंग की है। इससे सड़कों पर बेतरतीब वाहन खड़े होते हैं और हर सड़क पर जाम के हालात बनते हैं।

70 फीसदी सड़कें जाम की चपेट में

शहर मेंपार्किंग स्थलों की भारी कमी है। नगर निगम परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग का काम अधर में है। पार्किंग स्थल न होने के कारण लोग सड़कों पर बेतरतीब तरीके से वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे शहर की अधिकतर 70 प्रतिशत सड़कें दिनभर जाम की चपेट में रहती हैं। शहर का ऐसा कोई बाजार, चौराहा या मेन रोड नहीं है, जहां सड़क के दोनों ओर वाहनों का अतिक्रमण न हो।

सिर्फ पांच स्थलों पर निगम की पार्किंग

वित्तीय वर्ष 2025-26 मेंनगर निगम ने कुल पांच पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुरू की थी। इन पांच ठेकों से करीब 1.11 करोड़ रुपये की आय हुई। 21 स्थलों पर पार्किंग ठेके छोड़ने की सूची तैयार की गई थी, लेकिन पांच स्थलों को छोड़कर बाकी के लिए ठेकेदारों ने रुचि नहीं दिखाई। शहर में 50 पार्किंग स्थलों की आवश्यकता है, लेकिन निगम के पास इसके लिए पर्याप्त संसाधन और जगह नहीं है।

प्रमुख मार्गों पर नहीं है एक भी पार्किंग

दिल्लीरोड पर मोदीपुरम से परतापुर इंटरचेंज तक, संजय वन से मेट्रो प्लाजा तक, हापुड़ अड्डा से भूमियापुल तक, गढ़ रोड पर हापुड़ अड्डे से मेडिकल कॉलेज तक, हापुड़ रोड पर हापुड़ अड्डे से एल ब्लाक शास्त्रीनगर तिराहा तक, तेजगढ़ी चौराहे से एल ब्लाक शास्त्रीनगर तिराहा तक और यूनिवर्सिटी रोड पर कमिश्नर आवास चौराहे से चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय तक निगम की एक भी पार्किंग नहीं है।

नागरिकों ने उठाई आवाज

नागरिकोंका कहना है कि शहर में सुरक्षित वाहन पार्किंग मिलना आसान नहीं है, खासकर पुराने शहर के बाजारों में यह समस्या बहुत गंभीर है। हापुड़ अड्डा, बेगमपुल, सर्राफा बाजार, वैली बाजार, खैरनगर जैसे बाजारों में पार्किंग की व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, क्योंकि ये जाम के प्रमुख केंद्र हैं। नगर निगम और एमडीए के स्तर पर प्लानिंग पर काम चल रहा है। कई जगह सर्वे किया जा रहा है ताकि जरूरत के हिसाब से पार्किंग की समस्या का समाधान हो सके। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने इस समस्या के समाधान के लिए सात दिवसीय अभियान शुरू किया है।

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