केरलम में कांग्रेस सरकार की वापसी, वीडी सतीशन ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, वीआईपी कल्चर खत्म करने का बड़ा एलान

Kerala News: केरलम की राजनीति में सोमवार को एक नया इतिहास रच गया है। कांग्रेस के दिग्गज नेता वीडी सतीशन ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। तिरूवनंतपुरम में आयोजित विशेष समारोह में राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

सतीशन के साथ 20 सदस्यीय नए मंत्रिमंडल ने भी पद की शपथ ली। विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी यूडीएफ ने शानदार जीत हासिल की है। इस बंपर जीत के बाद आलाकमान ने नौ दिनों के गहन मंथन के बाद सतीशन के नाम को मंजूरी दी थी।

मंत्रिमंडल में नए चेहरों और सहयोगियों को तरजीह

नए मंत्रिमंडल में वरिष्ठ नेताओं और युवाओं का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला है। नए मुख्यमंत्री ने अपनी टीम में सहयोगियों को उचित जगह दी है। कैबिनेट में कांग्रेस के कोटे से 11 मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिनमें रमेश चेन्नीथला और के. मुरलीधरन जैसे अनुभवी नाम मौजूद हैं।

गठबंधन के प्रमुख साथी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को 5 मंत्री पद मिले हैं। इनमें पीके कुन्हालीकुट्टी और केएम शाजी जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा केरलम कांग्रेस (जोसेफ), आरएसपी, केरल कांग्रेस और सीएमपी को भी एक-एक मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राज्य में वीआईपी कल्चर का हुआ अंत

मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने पद संभालते ही राज्य में बड़ा प्रशासनिक बदलाव शुरू कर दिया है। उन्होंने मंत्रियों के लिए नई महंगी गाड़ियां खरीदने की पुरानी परंपरा पर रोक लगा दी है। सभी मंत्री अब पुरानी सरकार के वाहनों का ही इस्तेमाल करेंगे, जिससे सरकारी धन बचेगा।

सतीशन ने राज्य की सड़कों पर लंबे समय से चल रहे ‘VIP काफिला संस्कृति’ को तुरंत खत्म कर दिया है। अब मुख्यमंत्री के साथ केवल एक पायलट और एक एस्कॉर्ट गाड़ी ही चलेगी। इस फैसले से जनता के बीच नए मुख्यमंत्री की खूब तारीफ हो रही है।

दिग्गज नेताओं की उपस्थिति में शपथ ग्रहण

इस बड़े राजनीतिक बदलाव के गवाह देश के कई बड़े नेता बने। समारोह में कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी विशेष रूप से पहुंचे। इसके साथ ही तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार भी मौजूद रहे।

वीडी सतीशन के सामने केसी वेणुगोपाल जैसे कद्दावर नेताओं की अंदरूनी चुनौती थी। हालांकि सहयोगी दलों और विधायकों के भारी समर्थन से उन्होंने सत्ता की कमान संभाली। अब उनके सामने राज्य की खराब माली हालत को सुधारने और गठबंधन को एकजुट रखने की बड़ी चुनौती होगी।

Author: Nikhil Nair

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