आज से बदल गए नौकरी के सारे नियम! इन-हैंड सैलरी घटेगी लेकिन हफ्ते में मिलेंगी 3 दिन की छुट्टियां, पढ़ें नया लेबर कोड

New Delhi News: आज 1 अप्रैल 2026 से देश के नौकरीपेशा लोगों के लिए एक नया युग शुरू हो गया है। सरकार ने दशकों पुराने 44 श्रम कानूनों को खत्म करके 4 नए लेबर कोड लागू कर दिए हैं। अब आपकी सैलरी स्लिप से लेकर काम के घंटे और रिटायरमेंट तक सबकुछ बदल जाएगा। यह नियम पूरे देश में एक समान रूप से लागू होंगे और पूरी व्यवस्था डिजिटल होगी। इसका सीधा असर आपकी जेब और आपके भविष्य दोनों पर पड़ेगा।

इन-हैंड सैलरी घटेगी, लेकिन रिटायरमेंट फंड होगा मजबूत

नए लेबर कोड के तहत आपकी टेक-होम सैलरी यानी इन-हैंड सैलरी में थोड़ी कमी आ सकती है। नए नियम के अनुसार, आपकी बेसिक सैलरी कुल वेतन (CTC) का कम से कम 50% होनी चाहिए। बेसिक सैलरी बढ़ने से आपका पीएफ (PF) और ग्रेच्युटी में योगदान बढ़ जाएगा। इससे हर महीने हाथ में आने वाला पैसा भले ही कम हो, लेकिन आपका भविष्य का रिटायरमेंट फंड बहुत ज्यादा मजबूत हो जाएगा।

हफ्ते में 3 दिन की छुट्टी का नियम क्या है?

नए नियमों में काम के घंटे अधिकतम 48 घंटे प्रति सप्ताह तय किए गए हैं। अगर आपकी कंपनी 12 घंटे की शिफ्ट लगाती है, तो आपको हफ्ते में सिर्फ 4 दिन काम करना होगा। इसके बाद आपको 3 दिन की छुट्टी मिलेगी। अगर शिफ्ट 8 घंटे की है, तो आपको 6 दिन काम करना होगा। यह काम के घंटे पूरी तरह से कंपनी और कर्मचारी के बीच हुए आपसी समझौते पर निर्भर करेंगे।

ओवरटाइम का डबल पैसा और छुट्टियों का मिलेगा नकद भुगतान

अब दफ्तरों में कंपनियों की मनमानी नहीं चलेगी। तय घंटों से ज्यादा काम करने पर कंपनी को सामान्य मजदूरी से दोगुना पैसा देना होगा। इसके अलावा, बची हुई छुट्टियों को लेकर भी एक बड़ा फैसला हुआ है। अब साल के अंत में एक सीमा से ज्यादा बची हुई छुट्टियों का पैसा (Encashment) देना कंपनियों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। आपकी कोई भी मेहनत की छुट्टी अब बेकार नहीं जाएगी।

एक साल की नौकरी पर ग्रेच्युटी और पीएफ के नए विकल्प

नए लेबर कोड में फिक्स्ड टर्म कॉन्ट्रैक्ट (FTC) वाले कर्मचारियों को बहुत बड़ी राहत मिली है। अब वे सिर्फ एक साल का कॉन्ट्रैक्ट पूरा करने पर ही ग्रेच्युटी के हकदार हो जाएंगे। पीएफ को लेकर भी नए विकल्प दिए गए हैं। युवा कर्मचारी ज्यादा इन-हैंड सैलरी के लिए 15,000 रुपये की न्यूनतम सीमा पर अपना पीएफ कटवा सकते हैं। वहीं, ज्यादा उम्र के कर्मचारी पूरी बेसिक पर पीएफ कटवाकर बड़ा फंड बना सकते हैं।

गिग वर्कर्स और महिलाओं के लिए बड़े बदलाव

  • इतिहास में पहली बार जोमैटो और स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले गिग वर्कर्स को कानून के दायरे में लाया गया है।
  • उनके लिए एक खास सोशल सिक्योरिटी फंड बनेगा। इससे उन्हें हेल्थ इंश्योरेंस और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
  • ईएसआईसी (ESIC) की सैलरी लिमिट 21,000 से बढ़ाकर 30,000 रुपये की जा सकती है। इससे मुफ्त इलाज का दायरा बढ़ेगा।
  • महिलाएं अब अपनी मर्जी से नाइट शिफ्ट कर सकेंगी। कंपनियों को उनकी सुरक्षा, लाइटिंग और ट्रांसपोर्ट का पक्का इंतजाम करना होगा।

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories