New Delhi News: दिल्ली-एनसीआर में ठंड के मौसम में होने वाले जानलेवा प्रदूषण को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने अभी से कमर कस ली है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पराली जलाने की घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए एक बेहद व्यापक और दूरगामी योजना तैयार की है।
इस बड़ी समस्या से निपटने के लिए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि इस बार धान की बोआई के समय से ही ऐसी सटीक प्लानिंग की जाए, जिससे फसलों की कटाई के बाद पराली जलाने की नौबत ही न आए।
पर्यावरण और धरती की सेहत सुधारने की कवायद
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चिंता जताते हुए कहा कि पराली जलाने से न केवल वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ता है, बल्कि हमारी धरती माता का स्वास्थ्य भी बुरी तरह प्रभावित होता है। इससे मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरा शक्ति घटती है, जिसका सीधा असर फसलों के उत्पादन पर पड़ता है।
सरकार इस बार उन संवेदनशील जिलों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगी, जहां पराली जलाने की घटनाएं सबसे ज्यादा होती हैं। इसके साथ ही बेहतर काम करने वाले मॉडल गांवों की सफलता को देश के सामने रखा जाएगा। आधुनिक कृषि तकनीकों और जन-जागरण के जरिए किसानों को जागरूक करने का फैसला हुआ है।
1 जुलाई से शुरू होगी ‘वीबी-जी राम जी’ योजना
कृषि मंत्री ने देश के ग्रामीण इलाकों के लिए एक और बेहद महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि नई रोजगार योजना ‘वीबी-जी राम जी’ (विकसित भारत – रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) का राष्ट्रीय स्तर पर भव्य शुभारंभ आगामी 1 जुलाई को आंध्र प्रदेश से किया जाएगा।
यह ऐतिहासिक निर्णय केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के बीच दिल्ली में हुई बैठक में लिया गया। इस योजना की शुरुआत के दौरान सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधे तौर पर कार्यक्रम से जुड़ेंगे।
Author: Gaurav Malhotra


