Ayodhya News: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपी रामशंकर यादव टिन्नू ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले बड़े खुलासे किए हैं। आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसकी ड्यूटी न होने के बावजूद वह पैसेंजर फैसिलिटेशन सेंटर (पीएफसी) के सीक्रेट रूम में लगातार जाता था।
दिन में कई बार सीक्रेट रूम जाकर करता था पैसों की निगरानी
आरोपी ने एसआईटी को बताया कि वह पीएफसी के गोपनीय रूम में यह चेक करने जाता था कि नोटों की गिनती करने वाले कर्मचारी कहीं ज्यादा रकम तो गायब नहीं कर रहे हैं। इस पूरे नेटवर्क को चलाने में संविदा कर्मी अनुकल्प मिश्र और निगरानी ड्यूटी पर तैनात सुभाषचंद्र श्रीवास्तव उसका मुख्य सहयोग करते थे।
एसआईटी की शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को दर्ज हुई एफआईआर में कुल आठ कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है। आरोपी टिन्नू मंदिर मैनेजमेंट का एक हेल्पर था, लेकिन परिसर की हर गतिविधि में उसका पूरा दखल रहता था। वह दिनभर में तीन से चार बार काउंटिंग रूम का चक्कर लगाता था।
मोजे और जेब में छिपाकर बाथरूम में रखे जाते थे नोटों के बंडल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी नोटों की गड्डियों को अपनी जेब और मोजे में छिपाकर बाहर निकालते थे और उन्हें टॉयलेट में रख देते थे। इसके बाद शाम को सिक्योरिटी गार्ड्स की नजरों से बचाकर चोरी की इस भारी रकम को कौशलपुरी इलाके में स्थित उनके ठिकानों तक सुरक्षित पहुंचाया जाता था।
इस पूरे खेल में हर दिन 100 और 500 रुपये के नोटों के करीब 15 से 20 बंडल गायब किए जाते थे, जिसकी कुल वैल्यू लाखों में होती थी। इस बीच, आरोपी के बड़े भाई दिनेश यादव ने रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके भाई को फंसाया जा रहा है।

