Chandigarh News: हरियाणा के निजी नर्सिंग कॉलेजों और स्कूलों के लिए मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च निदेशालय (डीएमईआर) ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने कहा है कि जिन संस्थानों ने अब तक नियमानुसार बैंक गारंटी या एफडीआर जमा नहीं कराई है, उन्हें यह प्रक्रिया जल्द पूरी करनी होगी।
इसके साथ ही जिन संस्थानों पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, उन्हें भी यह राशि तुरंत भरनी होगी। निदेशालय ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई भी संस्थान तय समय सीमा के भीतर इन नियमों का पालन करने में विफल रहता है, तो उसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 की काउंसलिंग पर लगेगा प्रतिबंध
नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से नर्सिंग पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कड़ा प्रतिबंध आगामी सत्रों में भी लगातार लागू रहेगा।
यह नया आदेश हरियाणा के सभी निजी एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग और पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग कॉलेजों पर लागू होगा। इसके अलावा एमएससी नर्सिंग और एनपीसीसी पाठ्यक्रम संचालित करने वाले नर्सिंग कॉलेजों और स्कूलों को भी इन नियमों के दायरे में लाया गया है।
15 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी प्रक्रिया
विभाग के अनुसार, जिन संस्थानों ने अब तक अपनी बैंक गारंटी या एफडीआर जमा नहीं कराई है, उन्हें निर्धारित नियमों के तहत इसे जमा कराना होगा। इसके साथ ही राज्य सरकार के तय खाते में संबंधित संस्थानों को 5 लाख रुपये का जुर्माना भी जमा कराना होगा।
यह पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक सूचना जारी होने की तारीख से 15 दिनों के भीतर पूरी करनी अनिवार्य है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी तरह की छूट नहीं दी जाएगी और लापरवाह संस्थानों को काउंसलिंग से बाहर कर दिया जाएगा।

