Washington News: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य विवाद अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इराक के एक इस्लामी प्रतिरोध संगठन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने के लिए 10 मिलियन डॉलर के इनाम का ऐलान किया है। संगठन ने ट्रंप को अत्यंत अहंकारी और आक्रामक बताया है।
इराकी मिलिटेंट संगठन ने अपने बयान में कहा कि जिसने भी इराकियों का खून बहाया है, उसे दुनिया के आजाद लोग चैन से जीने नहीं देंगे। उन्होंने ट्रंप पर आरोप लगाया कि वे अपने अहंकार में उनके शहीद कमांडरों हाजी कासिम सुलेमानी और हाजी अबू महदी अल-मुहंदिस को निशाना बना रहे हैं।
इराकी संगठन ने ट्रंप को दी खुली धमकी
संगठन ने कसम खाते हुए कहा कि वे हमलावरों के सिंहासनों को हिलाकर रख देंगे। उनका कहना है कि हमारे नेताओं, बच्चों और विद्वानों को निशाना बनाने वालों को सिर्फ शर्मिंदगी ही मिलेगी। इस बीच पश्चिम एशिया में दोनों देशों के बीच जारी जवाबी हमलों से अंतरिम शांति समझौता पूरी तरह टूट चुका है।
अमेरिकी हवाई हमलों में 35 से ज्यादा मौतें
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को लेकर बढ़ते तनाव ने पूरे क्षेत्र में एक बड़े युद्ध का खतरा पैदा कर दिया है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही में हुए अमेरिकी हवाई हमलों में अब तक 35 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
ईरान को समझौते के उल्लंघन की मिलेगी सजा
इस पूरे मामले पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने अपना आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन का खुला उल्लंघन किया है। इस समझौते के तहत ईरान को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर गोलीबारी न करने की शर्त माननी थी।
व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट में आतंकवाद की इन घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। अमेरिकी सेना की कार्रवाई से ईरान को पहले ही भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अमेरिकी प्रशासन ने चेतावनी दी है कि वे अंतरराष्ट्रीय नियमों को तोड़ने के लिए ईरान को कड़ी सजा दिलवाएंगे।

