Delhi News: हरियाणा के बहुचर्चित पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया सामूहिक हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर अहम सुनवाई हुई। यह सुनवाई प्रदेश सरकार द्वारा दायर की गई उस विशेष अनुमति याचिका (एस.एल.पी.) पर हुई, जो दोषियों की अंतरिम रिहाई के खिलाफ लाई गई थी।
सुनवाई के दौरान दोषियों सोनिया और संजीव के वकीलों ने सरकार की याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया। अब इस बेहद संवेदनशील मामले की अगली और अंतिम बहस 11 अगस्त 2026 को होगी।
जेल के अंदर किए गए अपराधों पर कोर्ट में तकरार
अदालत में पीड़ित पक्ष और सरकारी वकील ने दोषियों के जेल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए रिहाई का कड़ा विरोध किया। कोर्ट को बताया गया कि यह एक ही परिवार के 8 लोगों की निर्मम हत्या का जघन्य अपराध है। सोनिया ने जेल में रहने के दौरान भी कई बार नियमों का उल्लंघन किया।
पीड़ित पक्ष के वकीलों ने कोर्ट में दावा किया कि सोनिया ने जेल के भीतर 5 नहीं, बल्कि 17 अलग-अलग अपराध और नियम उल्लंघन किए हैं। ऐसे में उसकी रिहाई के आदेश को तुरंत निरस्त किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फाइनल बहस की तारीख तय की।
लोहे की रॉड से की गई थी 8 लोगों की हत्या
यह पूरा मामला 23 अगस्त 2021 की रात का है। लितानी मोड़ स्थित फार्म हाउस पर सोनिया और संजीव ने मिलकर पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया, उनकी पत्नी, बेटे, बहू और तीन मासूम बच्चों समेत परिवार के 8 सदस्यों की लोहे की रॉड से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी थी।
वारदात को अंजाम देने के बाद सोनिया सुबह बाथरूम में बेसुध मिली थी और उसके पास एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। पुलिस जांच के बाद कोर्ट ने दोनों को सजा सुनाई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने दोनों दोषियों की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था।

