Delhi News: हालिया गिरावट के बाद सोने की कीमतों में मामूली रिकवरी जरूर दर्ज की गई है. हालांकि, इस बात की संभावना बहुत कम है कि जनवरी 2026 वाला पुराना उच्चतम स्तर जल्द वापस आ सकेगा. अंतरराष्ट्रीय रिसर्च एजेंसी फिच सॉल्यूशंस की यूनिट ‘बीएमआई’ ने यह बड़ा दावा किया है.
ग्लोबल एजेंसी बीएमआई (BMI) का मानना है कि फिलहाल सोने के लिए दोबारा रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचना आसान नहीं होगा. वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए एजेंसी ने वर्ष 2026 के लिए सोने के औसत भाव का अनुमान 4,600 डॉलर से घटाकर 4,400 डॉलर प्रति औंस कर दिया है.
मजबूत अमेरिकी डॉलर बना सोने के लिए बड़ी चुनौती
फिलहाल वैश्विक बाजार में सोना करीब 4,026 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा स्तर से कीमतों में बहुत सीमित बढ़त की ही उम्मीद है. अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती सोने की कीमतों पर लगातार दबाव बना रही है.
डॉलर मजबूत होने से अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना खरीदना काफी महंगा हो जाता है. इससे बाजार में मांग घटने लगती है. बीएमआई का अनुमान है कि यदि डॉलर इंडेक्स 105 से 110 के दायरे में रहता है, तो तेजी की संभावना बहुत कमजोर होगी.
ब्याज दरों और आर्थिक सुधार का कीमतों पर असर
सोना निवेशकों को सीधे तौर पर कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं देता है. ऐसे में यदि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) ब्याज दरों में कटौती नहीं करता है, तो निवेशकों का झुकाव बेहतर रिटर्न वाले सरकारी बॉन्ड्स की तरफ तेजी से बढ़ सकता है.
इसके अलावा वैश्विक आर्थिक माहौल में सुधार और भू-राजनीतिक तनाव में कमी आने से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है. अब लोग सुरक्षित निवेश के बजाय शेयर बाजार और अन्य जोखिम वाले एसेट्स में निवेश कर रहे हैं. वर्ष 2026 में वैश्विक विकास दर 2.4% रहने का अनुमान है.
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से बाजार को मिलेगा सपोर्ट
बीएमआई का कहना है कि सोने की कीमतों पर आगे भी दबाव बना रह सकता है. हालांकि, बाजार में किसी बहुत बड़ी गिरावट की आशंका फिलहाल सीमित है. इसकी मुख्य वजह यह है कि दुनिया के कई बड़े केंद्रीय बैंक लगातार अपना स्वर्ण भंडार बढ़ा रहे हैं.
विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा की जा रही यह आक्रामक खरीदारी सोने की कीमतों को निचले स्तर पर एक मजबूत सपोर्ट दे रही है. इस वजह से भाव एक निश्चित दायरे से नीचे नहीं गिरेंगे और बाजार में स्थिरता बनी रहने की पूरी उम्मीद जताई गई है.

