Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने एक विशेष अभियान चलाकर गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियों में चल रही 3 मोमोज निर्माणशालाओं (फैक्ट्रियों) का संचालन पूरी तरह बंद करा दिया है।
इस छापेमारी के दौरान विभाग की टीम ने विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए एकत्र किए हैं। इसके साथ ही लगभग 115 किलोग्राम संदिग्ध और दूषित चटनी को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। इसके अलावा मसवानपुर क्षेत्र में ठेलों पर बेचे जा रहे रंगीन फिंगर चिप्स भी नष्ट किए गए।
खाद्य सचल दल के अधिकारियों ने सबसे पहले केशव नगर और रावतपुर गांव स्थित आकाश मोमोज निर्माणशाला का निरीक्षण किया। वहां साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत खराब थी और मोमोज के साथ दी जाने वाली चटनी अस्वच्छ माहौल में रखी थी। टीम ने यहां 40 किलो चटनी नष्ट कर आउटलेट पर ताला जड़ दिया।
बिना वैध लाइसेंस के चल रही थी श्री बालाजी मोमोज फैक्ट्री
इसके बाद टीम ने रावतपुर गांव की श्री बालाजी मोमोज निर्माणशाला पर छापा मारा। जांच में सामने आया कि इस फैक्ट्री के पास खाद्य कारोबार के लिए आवश्यक पंजीकरण (लाइसेंस) ही नहीं था। यहां भी स्वच्छता के मानक शून्य पाए गए और करीब 45 किलोग्राम रंगीन चटनी दूषित मिली, जिसे नष्ट कर दिया गया।
तीसरी कार्रवाई साकेत नगर स्थित एक अन्य मोमोज फैक्ट्री में की गई। वहां भी स्वच्छता संतोषजनक नहीं पाए जाने पर 30 किलोग्राम चटनी को नगर निगम के वेस्ट डिस्पोजल यार्ड में फिंकवा दिया गया। तीनों फैक्ट्रियों को कमियां दूर होने तक काम रोकने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
मसालों और मोमोज के सैंपल लैब भेजे, दोषियों पर दर्ज होगा केस
अभियान के दौरान मसवानपुर क्षेत्र में मोमोज बेचने वाले ठेलों की भी सघन जांच की गई। वहां स्वच्छता मानकों के विपरीत बेचे जा रहे रंगीन फिंगर चिप्स और चटनी को मौके पर नष्ट कराया गया। विभाग द्वारा लिए गए सभी नमूनों को विस्तृत परीक्षण के लिए प्रयोगशाला (लैब) भेजा गया है।
सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत दोषियों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज कर कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।

