Chandigarh News: हरियाणा सरकार ने दिव्यांग विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने उन्हें उच्च शिक्षा से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक विशेष शिक्षा ऋण योजना लागू की है।
वर्तमान समय में उच्च शिक्षा की मांग लगातार बढ़ रही है। सरकार की यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांग विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इससे उन्हें बेहतर शिक्षा, रोजगार और समाज में एक सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा।
व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा के लिए मिलेगी मदद
आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम इस योजना को चला रहा है। इसके माध्यम से पात्र दिव्यांग विद्यार्थियों को देश और विदेश के शिक्षण संस्थानों में व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा के लिए ऋण दिया जाएगा।
इस योजना के तहत छात्रों को 50 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी होनहार दिव्यांग विद्यार्थी आर्थिक तंगी के कारण प्रवेश लेने के बाद अपनी पढ़ाई को बीच में न छोड़े।
योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी पात्रता शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का हरियाणा का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। इसके साथ ही विद्यार्थी की दिव्यांगता कम से कम 40 प्रतिशत होनी चाहिए। सामान्य श्रेणी के आवेदकों के लिए आयु सीमा 18 से 55 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है।
मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए न्यूनतम आयु 14 वर्ष रखी गई है। आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान के तकनीकी पाठ्यक्रम में प्रवेश का प्रमाण होना चाहिए। इसके अलावा, परिवार पहचान पत्र और 15 लाख से अधिक के ऋण के लिए यूडीआईडी पंजीकरण अनिवार्य है।

