गंगा एक्सप्रेस-वे पर एआई कैमरों का पहरा: 11 दिनों में रोके गए 105 लापरवाह भारी वाहन

Uttar Pradesh News: गंगा एक्सप्रेस-वे पर सफर को सुरक्षित बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। हाल ही में एक्सप्रेस-वे पर 120 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ रहे वाहनों के बीच सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। पिछले 11 दिनों के भीतर 105 भारी वाहन चालकों ने सड़क के किनारे अवैध रूप से वाहन खड़े कर दिए, जिससे बड़े हादसों का खतरा पैदा हो गया था। हालांकि, एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित कैमरों ने इन वाहनों को तुरंत ट्रेस कर एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।

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एआई कैमरों ने एक मिनट में भेजा अलर्ट

गंगा एक्सप्रेस-वे के 44 किलोमीटर लंबे हिस्से में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए 700 एआई आधारित कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे टोल प्लाजा, इंटरचेंज और विश्राम गृहों सहित सड़क के दोनों किनारों पर तैनात हैं। जैसे ही कोई वाहन एक्सप्रेस-वे पर रुकता है, कैमरे उसे ट्रैक करना शुरू कर देते हैं। यदि वाहन एक मिनट तक खड़ा रहता है, तो सिस्टम तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देता है। इसके बाद पेट्रोलिंग टीम को मौके पर भेजकर वाहन को तत्काल वहां से हटवाया जाता है।

रात में थकान का बहाना बनाकर रुक रहे चालक

कंट्रोल रूम प्रभारी भगत सिंह के अनुसार, अब तक पकड़े गए 105 भारी वाहनों में से अधिकांश चालक रात के समय थकान मिटाने के लिए रुक गए थे। एक्सप्रेस-वे पर 29 अप्रैल से शुरू हुए आवागमन के बाद से अब तक 80 हजार से अधिक वाहन गुजर चुके हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि साइड लेन में वाहन खड़ा करना नियमों के खिलाफ है। चालकों को चेतावनी दी गई है कि थकान होने पर वे विश्राम गृह या पेट्रोल पंप पर ही रुकें, अन्यथा भविष्य में उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आपात स्थिति के लिए बनाई गई है इमरजेंसी लेन

एक्सप्रेस-वे पर किसी भी अप्रत्याशित स्थिति या तकनीकी खराबी के लिए अलग से इमरजेंसी लेन की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद जरूरी है कि मुख्य सड़क या साइड लेन को बाधित न किया जाए। 120 किमी प्रतिघंटा की उच्च गति सीमा होने के कारण खड़ा वाहन पीछे से आने वाली गाड़ियों के लिए काल बन सकता है। एआई तकनीक के कारण इन सभी 105 वाहनों को महज तीन से चार मिनट के अंदर सड़क से हटाकर यातायात सुचारू किया गया।

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जरूरत पड़ने पर हेल्पलाइन नंबरों का लें सहारा

गंगा एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए विशेष हेल्पलाइन जारी की गई है। यदि रास्ते में वाहन खराब हो जाता है, तो चालक को अपनी गाड़ी की बैक लाइट जलाकर सुरक्षित दूरी पर खड़े होने की सलाह दी गई है। एक्सप्रेस-वे प्रबंधन ने 14449 और 102 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जिस पर कॉल करते ही तत्काल चिकित्सा, पेट्रोल या तकनीकी सहायता के लिए टीम पहुंच जाएगी। इन सुविधाओं का उद्देश्य यात्रियों के सफर को सुरक्षित और सुगम बनाना है।

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