Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली के मुकंदपुर इलाके से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां रविवार शाम घर के बाहर खेल रही दो साल की एक मासूम बच्ची की खुले नाले में गिरने से मौत हो गई। उत्तरी बाहरी दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने सोमवार को इस दुखद घटना की पुष्टि की है। स्थानीय निवासियों ने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर नगर निगम और संबंधित विभाग की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
खेलते समय अचानक लापता हुई मासूम
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह हादसा रविवार शाम को उस समय हुआ जब मुकंदपुर के इशू विहार में रहने वाली बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। खेलते-खेलते वह अचानक परिवार की नजरों से ओझल हो गई और लापता हो गई। जब काफी देर तक बच्ची का कुछ पता नहीं चला, तो परिजनों ने घबराकर उसकी तलाश शुरू की। आसपास के पड़ोसी भी बच्ची को ढूंढने में जुट गए, लेकिन शुरुआती घंटों में कोई सुराग नहीं मिला।
कीचड़ में फंसी मिली बच्ची की लाश
बच्ची के न मिलने पर परिजनों को घर के पास ही बहने वाले एक गहरे और खुले नाले पर शक हुआ। स्थानीय लोगों और पुलिस की टीम ने नाले के भीतर और उसके आसपास सघन तलाशी अभियान चलाया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार बच्ची नाले के भीतर जमा कीचड़ में फंसी हुई मिली। उसे तुरंत बाहर निकालकर पास के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रशासन पर बरसे स्थानीय लोग
घटना के बाद स्थानीय निवासियों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष देखा जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह नाला काफी गहरा है और लंबे समय से खुला पड़ा है। खुले नाले के कारण यहां हमेशा खतरा बना रहता है, खासकर छोटे बच्चों के लिए यह मौत का जाल साबित हो रहा है। लोगों का कहना है कि पहले भी यहां कई बार छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं, लेकिन अधिकारियों ने कभी इसे गंभीरता से नहीं लिया और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए।
बार-बार की शिकायतों को किया नजरअंदाज
गुस्साए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने संबंधित विभाग को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी थीं। लोगों ने मांग की थी कि नाले को ढकने के लिए स्थायी कदम उठाए जाएं ताकि किसी अनहोनी को रोका जा सके। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का दावा है कि अगर समय रहते नाले को कवर कर दिया जाता, तो आज एक मासूम की जान नहीं जाती। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और लापरवाही के पहलुओं को खंगाल रही है।

