Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के चौथे चरण के तहत विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। जारी अधिसूचना के मुताबिक बारहवीं कक्षा तक के सभी छात्र योजना के तहत चलने वाली बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगे। वहीं उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को मात्र पांच रुपये में पूरे दिन का पास मिलेगा।
योजना के अंतर्गत खरीदी जाने वाली एक हजार बसों में ही मिलेगी छूट
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह विशेष रियायती सुविधा केवल इसी योजना के तहत अनुबंधित एक हजार नई बसों में ही लागू होगी। कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्रों को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए अपना वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। यह पास रविवार और राजपत्रित अवकाश के दिनों में मान्य नहीं होगा।
पात्र महिलाओं और विद्यार्थियों के लिए जारी होगा डिजिटल हिमबस कार्ड
प्रदेश सरकार ने महिलाओं को भी बस किराए में पचास प्रतिशत की भारी छूट देने का बड़ा फैसला किया है। सभी पात्र लाभार्थियों के लिए पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु विशेष हिमबस कार्ड जारी किए जाएंगे। परिवहन विभाग इन गाड़ियों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन आधारित आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग प्रणाली स्थापित करेगा।
राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के लिए जरूरी मुख्य पात्रता शर्तें
इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का हिमाचल प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है। सरकार ने इसके लिए कुछ कड़े नियम और शर्तें तय की हैं, जिनकी सूची इस प्रकार है:
- आवेदक की आयु सीमा न्यूनतम पच्चीस वर्ष और अधिकतम पचास वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- उम्मीदवार के पास कम से कम तीन वर्ष पुराना भारी वाहन चालन लाइसेंस होना आवश्यक है।
- जिला रोजगार कार्यालय में पहले से पंजीकृत स्थानीय बेरोजगार युवाओं को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी।
- लाभार्थी का चयन मुख्य रूप से उनके परिवार की कुल वार्षिक आय के आधार पर तय होगा।
- समान आय होने की स्थिति में अंतिम चयन लॉटरी सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा।
इलेक्ट्रिक और डीजल बसों की खरीद पर मिलेगी भारी सरकारी सब्सिडी
योजना के नियमों के तहत आवेदन करने वाला व्यक्ति किसी भी सरकारी बैंक या वित्तीय संस्थान का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा आयोजित किया जाने वाला ड्राइविंग टेस्ट पास करना सबके लिए जरूरी होगा। सरकार पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक बसों पर पचास फीसदी और डीजल बसों पर तीस फीसदी सब्सिडी देगी।

