Hisar News: हरियाणा के हिसार जिले से एक बेहद दर्दनाक और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलने वाली घटना सामने आई है। यहां समय पर वेंटिलेटर की सुविधा न मिलने के कारण एक बेबस नवजात शिशु ने दम तोड़ दिया। मासूम बच्चे की मौत के बाद से पीड़ित परिवार में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
अस्पताल में जन्म के बाद बिगड़ी जच्चा-बच्चा की तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार एक गर्भवती महिला को बुधवार को प्रसव के लिए हिसार के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डिलीवरी के बाद प्रसूता और नवजात शिशु दोनों की सेहत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई। नवजात को सांस लेने में भारी तकलीफ होने पर डॉक्टरों ने उसे एनआईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया।
शिशु की नाजुक हालत को देखते हुए हिसार के डॉक्टरों ने उसे उच्च इलाज के लिए तुरंत रेफर कर दिया। इसके बाद बेबस परिजन करीब 15 घंटे तक बच्चे की जान बचाने के लिए तीन अलग-अलग बड़े अस्पतालों के चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें किसी भी जगह खाली वेंटिलेटर बेड नहीं मिल सका।
रोहतक पीजीआई में पूरी रात इंतजार के बाद भी नहीं मिला बेड
परिजन सरकारी एंबुलेंस की मदद से बीमार बच्चे को 106 किलोमीटर दूर रोहतक स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा पीजीआई लेकर पहुंचे। वहां मौजूद अस्पताल प्रशासन ने परिजनों से कहा कि वेंटिलेटर सुविधा के लिए उन्हें अगली सुबह तक अनिवार्य रूप से इंतजार करना पड़ेगा, जिससे संकट और गहरा गया।
पीड़ित परिवार पूरी रात रोहतक पीजीआई परिसर में वेंटिलेटर मिलने की उम्मीद में बैठा रहा। गुरुवार सुबह अस्पताल प्रबंधन ने साफ कह दिया कि उनके पास कोई वेंटिलेटर खाली नहीं है। इसके बाद निराश परिजन बच्चे को वापस हिसार के एक प्राइवेट अस्पताल लाए, लेकिन तब तक मासूम की सांसें थम चुकी थीं।

