Health News: चिलचिलाती गर्मियों में हर कोई बर्फ का गोला, कुल्फी या आइसक्रीम का सहारा लेता है। लेकिन क्या ये वाकई शरीर के तापमान को कम करते हैं? एस्टर सीएमआई अस्पताल, बैंगलोर की सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, डॉ. ब्रुंडा एम एस के अनुसार, आइसक्रीम से मिलने वाली ठंडक केवल एक अस्थायी अहसास है, जो शरीर के आंतरिक तापमान को लंबे समय तक कम नहीं करती।
आइसक्रीम खाने का असर और शरीर की प्रतिक्रिया
डॉ. ब्रुंडा स्पष्ट करती हैं कि आइसक्रीम खाते समय मुंह और गले में कुछ पल के लिए ताजगी महसूस होती है। हालांकि, शरीर जल्द ही इसके अनुकूल हो जाता है। चूंकि आइसक्रीम में चीनी और वसा (फैट) की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इसे पचाने के लिए मेटाबॉलिज्म को मेहनत करनी पड़ती है, जिससे शरीर में उल्टी गर्मी उत्पन्न हो सकती है। यही कारण है कि इसे खाने के बाद कई बार प्यास या भारीपन महसूस होता है।
किन लोगों को रहना चाहिए सावधान?
अत्यधिक ठंडी चीजों का तेजी से सेवन कुछ लोगों के लिए समस्या पैदा कर सकता है। जिन लोगों को साइनस की समस्या है, बार-बार गले में इन्फेक्शन होता है या जिनके दांत सेंसिटिव हैं, उन्हें आइसक्रीम खाने से सिरदर्द, गले में जलन या बेचैनी हो सकती है। यदि आप ऐसी समस्याओं से ग्रसित हैं, तो ठंडी चीजों के सेवन में सावधानी बरतें।
सही हाइड्रेशन और कूलिंग टिप्स
गर्मी से निपटने के लिए आइसक्रीम के बजाय हाइड्रेशन पर ध्यान देना कहीं अधिक असरदार है। डॉ. ब्रुंडा के अनुसार, शरीर को ठंडा रखने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाएं:
- तरल पदार्थों का सेवन: भरपूर पानी पिएं। छाछ, नारियल पानी, नींबू पानी और ताजे फलों का जूस शरीर को नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स देते हैं।
- पानी से भरपूर डाइट: तरबूज, खीरा, संतरे और खरबूजा जैसे फलों का सेवन करें, जो शरीर को अंदर से हाइड्रेटेड रखते हैं।
- जीवनशैली में बदलाव: हल्के सूती कपड़े पहनें, अत्यधिक धूप में निकलने से बचें और हवादार जगहों पर रहने की कोशिश करें।
निष्कर्ष: संतुलन ही कुंजी है
आइसक्रीम को कभी-कभार एक ‘ट्रीट’ के तौर पर खाना गलत नहीं है, बशर्ते आप कम चीनी वाले या नेचुरल विकल्प चुनें। लेकिन यह सोचना कि आइसक्रीम शरीर की गर्मी को कम करने का वैज्ञानिक तरीका है, पूरी तरह गलत है। शरीर के तापमान को नियंत्रित करने और स्वस्थ रहने के लिए सही हाइड्रेशन और संतुलित जीवनशैली ही सबसे प्रभावी उपाय है।
Author: Asha Thakur


