West Bengal News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ताश के पत्तों की तरह बिखरने लगी है। विधायक दल में ऐतिहासिक टूट के बाद अब पार्टी की संसदीय शाखा भी पूरी तरह विभाजन की कगार पर पहुंच गई है।
टीएमसी के 19 लोकसभा सांसदों ने निचले सदन के अध्यक्ष ओम बिरला को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। इस पत्र में बागी सांसदों ने संसद के भीतर अपना एक बिल्कुल अलग राजनीतिक गुट बनाने का बड़ा दावा पेश कर दिया है।
शनिवार को इस बागी गुट में टीएमसी के सबसे वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय का नाम भी अधिकारिक तौर पर जुड़ गया। इस बड़े घटनाक्रम के बाद बंगाल से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में भारी हलचल मच गई है।
अमित शाह से मिले वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय
सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की थी। इसके ठीक बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर टीएमसी के बागी सांसदों से हाथ मिला लिया।
ये सभी असंतुष्ट सांसद रविवार को एक गुप्त स्थान पर बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। इसके बाद सोमवार को वे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर संसद में अलग गुट को मान्यता देने की मांग करेंगे।
बगावत पर उतरीं सयानी और सुदीप पर ममता का हंटर
दूसरी तरफ बागी नेताओं की इस गतिविधि से नाराज होकर पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने कड़ा एक्शन लिया है। टीएमसी ने सुदीप बंदोपाध्याय को उत्तर कोलकाता संगठन के अध्यक्ष पद से तुरंत बर्खास्त कर दिया है।
इस महत्वपूर्ण पद पर अब कुणाल घोष को नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही ममता बनर्जी ने तेजतर्रार सांसद सयानी घोष को भी टीएमसी युवा अध्यक्ष के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
पार्टी आलाकमान ने अब अर्नब बनर्जी को राज्य तृणमूल युवा कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस अप्रत्याशित बगावत के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने कोलकाता आवास पर आपातकालीन बैठक बुलाई थी।
इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने बताया कि यह वर्किंग कमेटी की जरूरी मीटिंग थी। उन्होंने पुष्टि की कि सुखेंदु शेखर रे और सुष्मिता देव ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
कल्याण बनर्जी के मुताबिक सुदीप बंद्योपाध्याय, माला रॉय और एक अन्य सांसद को वर्किंग कमेटी से बाहर कर दिया गया है। उनकी जगह अब सौगत रॉय और ज्योतिप्रिय मलिक को कमेटी में जगह मिली है।
दिल्ली में जुटे दिग्गज, एनडीए को समर्थन देने की तैयारी
इस बड़े राजनीतिक संकट के बीच बागी सांसद रविवार को दिल्ली में अपनी अगली रणनीति तय करेंगे। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी रविवार शाम दिल्ली पहुंच रहे हैं, जहां काकोली घोष के घर डिनर डिप्लोमेसी होगी।
सूत्रों के मुताबिक बागी सांसद सोमवार को नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) को अपना आधिकारिक समर्थन सौंप सकते हैं। बागी सांसदों का दावा है कि लगभग 20 सांसद देश के हित में यह कदम उठा रहे हैं।
बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने कहा कि वे लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर “असली टीएमसी” के तौर पर पहचान मांगेंगे। हालिया विधानसभा चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद ममता के नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं।
इस बगावत की शुरुआत 18 मई को ही हो गई थी जब काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय समेत 19 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर संसद में अलग बैठने की व्यवस्था मांगी थी।
इस बागी लिस्ट में बापी हलधर, शर्मिला सरकार, प्रसून बंद्योपाध्याय, असित कुमार माल, अरूप चक्रवर्ती, रचना बनर्जी, खलीलुर रहमान, अबू ताहिर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग, कालीपद सोरेन, दीपक अधिकारी और जून मालिया शामिल हैं।
Author: Sourav Banerjee


