थैलेसीमिया माइनर और मेजर: क्या है अंतर और कैसे करें बचाव? जानें स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय

Health News: थैलेसीमिया एक गंभीर आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसमें शरीर पर्याप्त स्वस्थ हीमोग्लोबिन का निर्माण करने में असमर्थ होता है। यह बीमारी माता-पिता से बच्चों में जीन्स के माध्यम से फैलती है। इसे मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है—थैलेसीमिया माइनर और थैलेसीमिया मेजर। सही समय पर इसकी पहचान और जागरूकता ही इस बीमारी से बचाव का एकमात्र प्रभावी तरीका है।

थैलेसीमिया माइनर से पीड़ित व्यक्ति में अक्सर कोई गंभीर लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए कई लोग इसके बारे में अनजान रहते हैं। दूसरी ओर, थैलेसीमिया मेजर एक अत्यंत जटिल स्थिति है। इसमें पीड़ित बच्चों को बचपन से ही गंभीर एनीमिया का सामना करना पड़ता है और उन्हें जीवित रहने के लिए नियमित रूप से रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है।

जीन्स का खेल और अंतर

थैलेसीमिया का प्रकार पूरी तरह माता-पिता से मिलने वाले जीन्स पर निर्भर करता है। यदि किसी व्यक्ति को माता-पिता में से केवल एक से प्रभावित जीन मिलता है, तो उसे थैलेसीमिया माइनर होता है। वहीं, जब दोनों माता-पिता के जीन्स में खराबी होती है और वे बच्चे में स्थानांतरित होते हैं, तो बच्चा थैलेसीमिया मेजर से ग्रसित हो जाता है।

दोनों के बीच लक्षणों का अंतर काफी स्पष्ट होता है। थैलेसीमिया माइनर में व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है और उसे रक्त की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसके विपरीत, थैलेसीमिया मेजर में जन्म के कुछ महीनों बाद से ही गंभीर लक्षण जैसे कमजोरी, पीलिया और हड्डियों में विकृति दिखाई देने लगती है। ऐसे मरीजों को हर दो से चार सप्ताह में रक्त चढ़ाना पड़ता है।

बचाव और आधुनिक उपचार

थैलेसीमिया से बचाव का सबसे कारगर उपाय एक साधारण ब्लड टेस्ट यानी स्क्रीनिंग है। विवाह से पहले या गर्भावस्था के दौरान जेनेटिक काउंसलिंग और जांच के जरिए वाहक (Carrier) का पता लगाया जा सकता है। यह जानकारी माता-पिता को भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए सही और सूचित निर्णय लेने में काफी मदद करती है।

थैलेसीमिया मेजर के उपचार के लिए नियमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन के अलावा आयरन चेलेशन थेरेपी का उपयोग किया जाता है, ताकि शरीर में लोहे की अधिक मात्रा को नियंत्रित किया जा सके। वर्तमान में, बोन मैरो ट्रांसप्लांट या हेमाटोपोएटिक स्टेम सेल ट्रांसप्लांटेशन इस बीमारी के इलाज के लिए सबसे उन्नत और प्रभावी विकल्प बनकर उभरे हैं।

Author: Asha Thakur

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories