Howrah News: हावड़ा पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे एक बांग्लादेशी दंपती को गिरफ्तार किया है। यह दंपती पिछले चौदह सालों से हावड़ा के जगाछा थाना क्षेत्र में छिपकर रह रहा था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर रमजान गाजी और उसकी पत्नी आरिफा बेगम को पकड़ा है।
पुलिस ने शनिवार रात उन्सानी माझेरपाड़ा इलाके के एक घर में अचानक छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने दंपती को उनके चार बच्चों के साथ धर दबोचा। इनमें से दो बच्चों की उम्र सात साल से काफी कम है। इसलिए पुलिस ने दोनों छोटे बच्चों को लिलुआ स्थित एक होम में भेज दिया है।
बाकी दो बड़े बच्चों को फिलहाल उनकी मां आरिफा बेगम के साथ ही रखा गया है। शुरुआती पुलिस जांच में कई बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रमजान और आरिफा ने दलालों को काफी मोटी रकम दी थी। इसके बाद ही दोनों ने अवैध तरीके से भारतीय सीमा पार की और बंगाल पहुंच गए।
फर्जी दस्तावेजों से चौंकाया
हावड़ा आने के बाद रमजान ने स्थानीय बाजार में डाब और ताल बेचना शुरू कर दिया। इसी से वह अपने परिवार का खर्च बड़ी मुश्किल से चला रहा था। जांच में पता चला है कि साल 2014 के आसपास इन दोनों ने अपने फर्जी दस्तावेज बनवा लिए थे। पुलिस ने इनके पास से कई अहम कागजात बरामद किए हैं।
आरोपित दंपती ने फर्जी राशन कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट तक बनवा लिए थे। पुलिस ने बड़ा दावा करते हुए बताया कि दोनों ने पिछले लोकसभा चुनाव में अपना वोट भी डाला था। हालांकि, बाद में एसआइआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से इन दोनों के नाम पूरी तरह हटा दिए गए थे।
पुलिस कर रही है कड़ी पूछताछ
नाम कटने के कारण दोनों इस बार के विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं कर पाए। पुलिस ने इस बांग्लादेशी दंपती के खिलाफ इमिग्रेशन एंड फारेनर्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में तेजी से जुट गई है। पुलिस फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह की तलाश कर रही है।
Author: Sourav Banerjee


