Noida News: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आबादी भूखंड आवंटन मामले में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। किसानों को पारदर्शी तरीके से जमीन देने वाले अधिकारियों पर ही पद के दुरुपयोग का आरोप लगा है। नियोजन विभाग के अफसरों ने किसानों से बेहद सस्ती दर पर दस्तावेज खरीदे।
अधिकारियों ने किसानों से नक्शा 11 यानी जमीन अधिग्रहण के कागजात औने-पौने दामों में खरीद लिए। इसके बाद अपने पद का फायदा उठाकर पॉश इलाकों में बेहतरीन प्लॉट आवंटित करवा लिए। इस खेल से उन जमीनों की कीमत बाजार में 100 गुना तक अचानक बढ़ गई है।
बेचारे आम किसान पिछले 20 वर्षों से अपने हक के लिए प्राधिकरणों के चक्कर काट रहे थे। कई साल तक भूखंड न मिलने से थक-हारकर उन्होंने अपने कागज रसूखदारों को बेच दिए। अब इन प्लॉटों पर मॉल, पीजी, हॉस्टल और रेस्टोरेंट बनाकर भारी कमाई की जा रही है।
इन गांवों की प्राइम लोकेशन पर अफसरों ने जमाया कब्जा
नोएडा के शहदरा, गढ़ी, हाजीपुर और ग्रेटर नोएडा के इटैड़ा, हैबतपुर, पतवाड़ी में यह खेल धड़ल्ले से चला। इसके अलावा क्यामपुर, तुस्याना, नामोली, नॉलेज पार्क और घरबरा जैसे गांवों के आसपास सबसे महंगी लोकेशन पर ये प्लॉट अधिकारियों के रिश्तेदारों के नाम ट्रांसफर करा दिए गए।
ग्रेटर नोएडा के तिलपता गांव में कंटेनर डिपो के लिए 1300 बीघा जमीन ली गई थी। इसके बदले 100 किसानों को भूखंड मिलने थे। किसानों को आवंटन पत्र तो मिल गए, लेकिन 27 साल बीतने के बाद भी आज तक जमीन पर प्लॉट नहीं लगाए जा सके हैं।
ऐमनाबाद गांव का हाल तो और भी ज्यादा बुरा है। यहां साल 2008 में जमीन का अधिग्रहण हुआ था। करीब 250 किसानों के भूखंड धरातल पर लग चुके थे और कइयों ने रजिस्ट्री भी करा ली थी। लेकिन रसूखदारों ने मानचित्र रिवीजन का बहाना बनाकर किसानों के प्लॉट वहां से हटवा दिए।
नेताओं की चेतावनी और सीईओ का सख्त कार्रवाई का भरोसा
इस महाघोटाले पर दादरी विधायक तेजपाल नागर और नोएडा विधायक पंकज सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों को तुरंत पद से हटवाया जाएगा। किसान संगठनों और भाजपा नेताओं ने भी मामले को मुख्यमंत्री के सामने उठाने की बात कही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने नियोजन विभाग के महाप्रबंधक को नोटिस जारी किया है। उन्होंने भरोसा दिया है कि मध्य जुलाई तक किसानों को भूखंड दे दिए जाएंगे। वहीं ग्रेटर नोएडा के सीईओ एनजी रवि ने भी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का वादा किया है।
Author: Gaurav Malhotra


