Pilibhit News: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में बीसलपुर नगर पालिका के एक निलंबित कर्मचारी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मृतक के पास से पांच पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। इसमें अधिशासी अधिकारी (EO) पर नौकरी बहाली के नाम पर लाखों रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है।
मृतक की पहचान 52 वर्षीय उपेंद्र शंखधर के रूप में हुई है, जो नगर पालिका में कर संग्राहक (टैक्स कलेक्टर) के पद पर तैनात थे। पिछले साल सितंबर में 30 लाख रुपये के गबन के आरोप में उन्हें निलंबित कर जेल भेजा गया था। इस साल जनवरी में वह जमानत पर बाहर आए थे।
जमीन बेचकर दी थी 18 लाख की घूस, और रुपयों की थी मांग
सुसाइड नोट के मुताबिक, ईओ शमशेर सिंह ने नौकरी बहाल करने का भरोसा देकर उनसे करीब 18-19 लाख रुपये लिए थे। इसके बाद भी उनकी बहाली नहीं हुई और अधिकारी ने 8 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की। यह रकम पीड़ित ने अपनी जमीन बेचकर और गहने गिरवी रखकर जुटाई थी।
परेशान होकर उपेंद्र ने बीसलपुर स्थित अपने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक के भाई अनुराग ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उपेंद्र के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार भी किया था। भाई की तहरीर पर पुलिस ने ईओ समेत पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अध्यक्ष के पति और ईओ समेत पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज
पुलिस ने इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष के पति अमन जायसवाल उर्फ निक्की, अधिशासी अधिकारी शमशेर सिंह और तीन अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। दूसरी तरफ, ईओ शमशेर सिंह ने खुद पर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और गलत बताया है।
बीसलपुर थाना प्रभारी संजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि पुलिस मामले की सभी पहलुओं से गहनता से जांच कर रही है। सुसाइड नोट में लगाए गए रिश्वत के लेन-देन संबंधी आरोपों की भी वित्तीय स्तर पर जांच की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

