Shimla News: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दो एफआईआर की चल रही जांच के सिलसिले में बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने हिमालयन ब्रह्मो समाज शिमला (ट्रस्ट) की मूल ट्रस्ट डीड पेश करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन सी नेगी की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की।
अदालत में पुलिस ने सौंपी स्टेटस रिपोर्ट
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने शीतल व्यास बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य व अन्य से जुड़े मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने शिमला के वेस्ट पुलिस स्टेशन के एसएचओ द्वारा दाखिल स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लिया। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2024 की दो अलग-अलग एफआईआर की जांच अभी जारी है।
मूल दस्तावेज सत्यापन के लिए नहीं हुआ पेश
स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस की जांच टीम को ललित वर्मा से ट्रस्ट डीड की सिर्फ एक प्रमाणित कॉपी मिली थी। सही तरीके से सत्यापन करने के लिए मूल दस्तावेज अभी तक पुलिस के सामने पेश नहीं किया गया है। इसके बाद मामले में कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।
बीएनएसएस के तहत जारी किया गया था नोटिस
पुलिस ने अदालत को बताया कि ललित वर्मा को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 94 के तहत नोटिस दिया गया था। इसमें उन्हें मूल दस्तावेज और रिकॉर्ड लाने को कहा गया था। पालन न होने पर मजिस्ट्रेट के माध्यम से दूसरा नोटिस जारी करना पड़ा।
अगली सुनवाई में पेश होगी मूल डीड
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील अमित सिंह चंदेल ने कोर्ट को भरोसा दिया कि अगली तारीख पर मूल दस्तावेज पेश कर दिए जाएंगे। इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए खंडपीठ ने अगली सुनवाई में इसे पेश करने का आदेश दिया। अब मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई, 2026 को होगी।

