पूर्व सैनिक को जातिवाद का विरोध करना पड़ा भारी! मंदिर कमेटी के प्रधान ने किया सामाजिक बहिष्कार का ऐलान, SC-ST एक्ट में FIR दर्ज

- Advertisement -

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में जातिगत भेदभाव का बड़ा मामला सामने आया है। घुमारवीं पुलिस थाने में सेना के एक पूर्व जवान ने मंदिर कमेटी के प्रधान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि गांव के भंडारे में दलितों के लिए खाने की अलग व्यवस्था थी। जब उसने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया, तो उसका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

भंडारे में दलितों के लिए थी अलग व्यवस्था

पीड़ित शशि कौंडल साल 2021 में भारतीय सेना से रिटायर हुए हैं। वह बिलासपुर जिले के कसोहल गांव के निवासी हैं। उन्होंने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया है कि गांव के मंदिर में एक भंडारा हुआ था। सभी ग्रामीणों ने इसके लिए सामूहिक रूप से चंदा दिया था। जब वह वहां प्रसाद खाने पहुंचे तो देखा कि अनुसूचित जाति के लोगों को अलग बैठाकर खाना खिलाया जा रहा था।

- Advertisement -

वीडियो वायरल करने पर प्रधान ने किया अपमान

शशि ने इस जातिगत भेदभाव का विरोध किया। उन्होंने तुरंत मंदिर कमेटी के प्रधान ईश्वर सिंह चौहान से इस गलत व्यवस्था पर सवाल पूछे। प्रधान ने उनकी बात को पूरी तरह अनसुना कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने अपने मोबाइल से इस घटना का वीडियो बनाया। उन्होंने इस कुप्रथा को उजागर करने के लिए वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया। यह वीडियो इंटरनेट पर आते ही पूरे इलाके में चर्चा का मुख्य विषय बन गया।

बैठक बुलाकर सुनाया सामाजिक बहिष्कार का फरमान

वीडियो वायरल होने के बाद गांव का माहौल पूरी तरह से तनावपूर्ण हो गया। शिकायत के अनुसार फरवरी महीने में ईश्वर सिंह ने एक बड़ी मीटिंग बुलाई थी। इस बैठक में शिकायतकर्ता के पिता सीता राम को भी बुलाया गया था। मीटिंग में मौजूद सभी सदस्यों ने मिलकर शशि को किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल नहीं करने का सख्त फरमान सुनाया। पीड़ित के पिता ने इस फैसले का भारी विरोध किया लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई।

धोखे से बुलाकर माफी मांगने का बनाया दबाव

बहिष्कार के बाद गांव में हुए आयोजनों में इस पूर्व सैनिक को नहीं बुलाया गया। उनतीस अप्रैल को शशि को एक धार्मिक कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। वह तय समय पर वहां पहुंच गए। वहां पहुंचने पर ईश्वर सिंह और अन्य लोगों ने उन पर भारी दबाव बनाया। उन्होंने मांग की कि वायरल वीडियो के लिए शशि तुरंत माफी मांगे। माफी न मांगने पर उन्हें समुदाय से पूरी तरह बाहर करने की खुली धमकी दी गई।

पुलिस ने दर्ज किया एससी एसटी एक्ट में मुकदमा

इस खुले अपमान और धमकी के बाद पीड़ित ने घुमारवीं पुलिस थाने में लिखित शिकायत दी है। पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पीड़ित के बयान दर्ज किए। पुलिस ने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ा एक्शन लिया है। आरोपी ईश्वर दास चौहान के खिलाफ एससी एसटी एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के आला अधिकारी अब इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रहे हैं।

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Related Articles