Kaushambi News: उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में स्थित चायल नगर पंचायत के वार्ड संख्या पांच में बुधवार को एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। नईम मियां का पूरा मुहल्ला में पिछले कई दिनों से फैले रहस्यमयी बुखार की चपेट में आने से एक दो वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई।
इस दुखद घटना के बाद से पूरे इलाके के निवासियों में भारी दहशत और प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है। मृतका अनामिका की मां पूजा समेत मुहल्ले के कई अन्य लोग भी इस समय गंभीर रूप से बीमार हैं, जिनका स्थानीय स्तर पर इलाज चल रहा है।
गंदगी और दूषित जलापूर्ति बनी काल, बिना पोस्टमार्टम के हुआ अंतिम संस्कार
मुहल्ले के निवासी कुलदीप पटेल ने बताया कि उनके क्षेत्र में जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। घरों के सामने हफ्तों से गंदा पानी जमा है, जिसमें कीड़े पनप रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी नलों से भी बेहद दूषित पानी की सप्लाई की जा रही है।
इसी गंदे पानी और मच्छरों के कारण कुलदीप की दो साल की बेटी अनामिका चार दिन पहले तेज बुखार की चपेट में आ गई थी। बुधवार सुबह हालत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई। हालांकि, परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही बच्ची के शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
अधिकारियों ने दिया त्वरित कार्रवाई का भरोसा, जल्द भेजी जाएगी मेडिकल टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए चायल के उप जिलाधिकारी और प्रभारी अधिशासी अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि जलभराव वाला स्थान काफी नीचे है। वहां तालाब को गहरा करने के लिए पनचक्की से पानी निकाला जा रहा है और जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाएगी।
दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मामले की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में विशेष मेडिकल टीम भेजने का निर्णय लिया है। डॉक्टरों के अनुसार, जलभराव वाले क्षेत्रों में एंटी-लावा दवाओं का छिड़काव किया जाएगा ताकि बुखार और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलाव को तुरंत रोका जा सके।

