अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट, पेट्रोल पंपों पर डीजल रीफ्यूलिंग की सीमा समाप्त

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New Delhi News: अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें अब युद्ध से पहले के स्तर पर यानी 70 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गई हैं।

हालांकि, इस बड़ी गिरावट के बावजूद भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई कमी नहीं की है। इसी बीच, एक जुलाई को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम घटाए हैं। वहीं, निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी नायरा एनर्जी ने भी अपने ईंधन दामों में थोड़ी कटौती की है।

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कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में औसतन 180 रुपये की बड़ी कटौती

एक जुलाई से देश में पेट्रोलियम उत्पादों से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गए हैं। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में औसतन 180 रुपये की कमी आई है। इस कटौती के बाद दिल्ली में इसकी नई कीमत 3,113.50 रुपये से घटकर अब 2,930 रुपये हो गई है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस राहत के बाद आने वाले दिनों में होटल, रेस्तरां और ढाबों में मिलने वाले खाने की कीमतों में भी कमी देखी जा सकती है। इसके अलावा, देश की बड़ी निजी ईंधन खुदरा विक्रेता कंपनी नायरा एनर्जी ने भी उपभोक्ताओं को कुछ राहत दी है।

नायरा एनर्जी ने घटाए दाम, पंपों पर डीजल भरने की पाबंदियां भी पूरी तरह हटीं

रूसी भागीदारी वाली कंपनी नायरा एनर्जी ने अपने 7,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की कीमत में पांच रुपये और डीजल में तीन रुपये प्रति लीटर की कमी की है। इस कटौती के बाद अब अन्य सरकारी और निजी तेल कंपनियों पर भी अपने दाम घटाने का दबाव बढ़ गया है।

इसके साथ ही सरकार ने पेट्रोल पंपों पर एक गाड़ी में एक दिन में केवल 200 लीटर डीजल भरने की पुरानी सीमा को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। फैक्ट्रियों और कमर्शियल खरीदारों पर लगी पाबंदियां भी हटा दी गई हैं। आपूर्ति में सुधार के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह बड़ा फैसला लिया है।

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