New Delhi News: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई फिट रहना चाहता है। इसके लिए लोग तमाम तरह की कोशिशें भी करते हैं। लेकिन बदलते दौर में युवाओं को कम उम्र में ही गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम्स का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें इनफर्टिलिटी एक बड़ी चिंता बन चुकी है।
बायोलॉजिकल नजरिए से देखें तो बच्चे पैदा करने के लिए बीस से तीस साल की उम्र को सबसे बेस्ट माना जाता है। लेकिन खराब लाइफस्टाइल की वजह से अब युवाओं को भी इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। दुनिया भर में पुरुषों में बांझपन की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
मेडिकल रिपोर्ट्स की मानें तो हमारी रोजाना की कुछ आदतें पुरुषों की फर्टिलिटी पर सीधा और बेहद बुरा असर डालती हैं। इंदिरा आईवीएफ हॉस्पिटल के एक्सपर्ट डॉक्टर क्षितिज मुर्दिया ने पुरुषों में इनफर्टिलिटी के मुख्य बायोलॉजिकल और व्यावहारिक कारणों पर विस्तार से रोशनी डाली है।
डॉक्टर मुर्दिया के अनुसार, पुरुषों के शरीर में अंडकोष यानी टेस्टिकल्स का बाहर की तरफ होना एक बेहद जरूरी बायोलॉजिकल वजह है। स्पर्म के सही प्रोडक्शन के लिए अंडकोष का तापमान शरीर के नॉर्मल तापमान से करीब दो से चार डिग्री सेल्सियस कम होना ही चाहिए।
जब किसी वजह से तापमान का यह अंतर कम होने लगता है, तो पुरुषों की फर्टिलिटी पर इसका सीधा असर पड़ता है। अंडकोष का तापमान बढ़ने से स्पर्म बनाने वाली कोशिकाएं धीरे-धीरे मरने लगती हैं। इससे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है और स्पर्म का डीएनए डैमेज हो जाता है।
लैपटॉप को जांघों पर रखना और जेब में स्मार्टफोन रखना है बेहद खतरनाक
पुरुषों की कई ऐसी आदतें हैं जो अंडकोष के तापमान को बढ़ा देती हैं। आजकल ज्यादातर पुरुष घंटों तक लैपटॉप को सीधे अपनी जांघों पर रखकर काम करते हैं। लैपटॉप से निकलने वाली हीट और गर्मी समय के साथ प्राइवेट पार्ट के तापमान को खतरनाक स्तर तक बढ़ा देती है।
इसके अलावा कई साइंटिफिक रिसर्च में यह बात पूरी तरह साबित हो चुकी है कि गोद में लैपटॉप रखकर काम करने और पैंट की सामने वाली जेब में मोबाइल फोन रखने से निकलने वाला इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन सीधे तौर पर इनफर्टिलिटी के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है।
टाइट जींस और इनरवियर पहनने से स्पर्म काउंट पर पड़ता है बुरा असर
हार्वर्ड टी.एच. चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की एक बड़ी स्टडी में पाया गया कि टाइट इनरवियर पहनने वाले पुरुषों की तुलना में ढीले बॉक्सर शॉर्ट्स पहनने वाले पुरुषों में कुल स्पर्म काउंट सत्रह प्रतिशत ज्यादा था। साथ ही उनके स्पर्म की मोटिलिटी भी तैंतीस प्रतिशत अधिक पाई गई थी।
डॉक्टर्स के मुताबिक, आजकल ट्रेंड में चल रही स्किनी या टाइट जींस इस स्थिति को और ज्यादा गंभीर बना देती हैं। ये जींस अंडकोष वाले हिस्से को पूरे दिन शरीर से सटाकर रखती हैं। इस वजह से वहां की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और फर्टिलिटी से जुड़ी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं।
इनफर्टिलिटी से बचने के लिए तुरंत बदलें अपनी ये आदतें
पुरुषों को अपनी फर्टिलिटी को पूरी तरह सुरक्षित और हेल्दी बनाए रखने के लिए टाइट कपड़ों के बजाय हमेशा ढीले बॉक्सर शॉर्ट्स पहनने चाहिए। इसके साथ ही अपने स्मार्टफोन को पैंट की सामने वाली जेब में लंबे समय तक रखने से बचना चाहिए।
ऑफिस या घर पर काम करते समय लैपटॉप को कभी भी सीधे अपनी गोद या जांघों पर न रखें। इसके लिए हमेशा डेस्क या टेबल का ही इस्तेमाल करें। इसके अलावा हॉट टब या सॉना बाथ जैसी जगहों पर ज्यादा देर तक गर्म पानी के संपर्क में रहने से पूरी तरह बचें।

