त्वचा से सन टैनिंग हटाने के सुरक्षित और वैज्ञानिक उपाय, डर्मेटोलॉजिस्ट ने दी घरेलू नुस्खों से बचने की सलाह

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Health News: छुट्टियां बिताकर लौटने के बाद अक्सर लोग त्वचा पर आई जिद्दी टैनिंग से परेशान हो जाते हैं। शरीर और चेहरे का असमान रंग हर किसी की चिंता बढ़ा देता है। ऐसे में डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा रोग विशेषज्ञ) सोशल मीडिया पर दावों वाले घरेलू नुस्खों (DIY) को आजमाने से सख्त मना करते हैं, क्योंकि इनसे त्वचा में इंफ्लेमेशन और खुजली हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, टैनिंग असल में सूरज की हानिकारक यूवी (UV) किरणों से खुद को बचाने की त्वचा की एक स्वाभाविक सुरक्षात्मक प्रतिक्रिया है। जब धूप सीधे शरीर पर पड़ती है, तो त्वचा में मौजूद मेलानोसाइट्स कोशिकाएं सुरक्षा के लिए मेलेनिन का उत्पादन बढ़ा देती हैं। इसी वजह से त्वचा की भीतरी परत सुरक्षित रहती है पर उसका बाहरी रंग गहरा हो जाता है।

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टैनिंग और पिग्मेंटेशन में अंतर समझना है बेहद जरूरी

आमतौर पर लोग टैनिंग और पिग्मेंटेशन को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों में बड़ा अंतर है। धूप के कारण त्वचा की ऊपरी सतह का रंग दबना टैनिंग है, जो कुछ ही दिनों में ठीक हो सकती है। वहीं, पिग्मेंटेशन एक गहरा स्किन डिस्ऑर्डर है, जो त्वचा की भीतरी परतों से शुरू होता है और इसके इलाज के लिए डॉक्टर की देखरेख जरूरी है।

चेहरे की त्वचा शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में काफी पतली और संवेदनशील होती है। इसलिए चेहरे और कोहनी, घुटने या गर्दन जैसे मोटे स्किन वाले हिस्सों की टैनिंग हटाने के तरीके अलग होते हैं। मोटी त्वचा वाले हिस्सों पर अधिक एक्सफोलिएशन की जरूरत पड़ती है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि टैनिंग को एक बार में नहीं हटाया जा सकता।

डर्मेटोलॉजिस्ट द्वारा प्रमाणित टैनिंग हटाने के पांच सुरक्षित तरीके

त्वचा की रंगत को दोबारा सामान्य करने के लिए डॉक्टर विटामिन सी सीरम के इस्तेमाल की सलाह देते हैं, जो ऑक्सिडेटिव डैमेज को ठीक करता है। इसके अलावा, नियासिनेमाइड स्किन टोन को सुधारने और स्किन बैरियर को मजबूत करने में मदद करता है। जिद्दी टैनिंग के लिए क्लीनिक में डर्मेटोलॉजिस्ट की देखरेख में केमिकल पील ट्रीटमेंट किया जाता है।

हाथों और पैरों के लिए विशेष मेडिकल मेनी-पॉडी (मेनीक्योर-पेडीक्योर) की मदद ली जा सकती है, जिसमें टैनिंग रोधी सुरक्षित तत्व होते हैं। यदि टैनिंग बहुत ज्यादा पुरानी और जिद्दी हो चुकी है, तो उसे आधुनिक लेजर ट्रीटमेंट की मदद से पूरी तरह साफ किया जा सकता है। त्वचा खुद भी समय के साथ नए सेल बनाकर टैनिंग को धीरे-धीरे कम करती है।

इन खतरनाक घरेलू नुस्खों से त्वचा को बचाना है जरूरी

त्वचा विशेषज्ञ नींबू के रस को सीधे चेहरे पर लगाने से मना करते हैं, क्योंकि धूप के संपर्क में आने पर इससे फाइटोफोटोडर्मेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। इसी तरह बेकिंग सोडा स्क्रब और टूथपेस्ट लगाने से स्किन बैरियर पूरी तरह खराब हो जाते हैं। सिरके का सीधा इस्तेमाल त्वचा को बुरी तरह जला सकता है और लाल कर सकता है।

त्वचा को बहुत तेजी से रगड़कर स्क्रब करने से इंफ्लेमेशन बढ़ता है, जो बाद में हाइपरपिग्मेंटेशन का कारण बन जाता है। टैनिंग से बचने का सबसे बेहतरीन उपाय यही है कि आप रोजाना ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं और हर 2 से 3 घंटे में इसे दोबारा अप्लाई करें। धूप में निकलते समय हैट, सनग्लास और पूरी आस्तीन के कपड़े जरूर पहनें।

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