मानसून सत्र में नया संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है केंद्र सरकार, 30 दिन जेल में रहने पर स्वतः हट जाएंगे मंत्री

- Advertisement -

New Delhi News: केंद्र सरकार संसद के आगामी मानसून सत्र में एक बेहद महत्वपूर्ण और नया संविधान संशोधन विधेयक पेश करने की योजना बना रही है। इस प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य भविष्य में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल प्रकरण जैसी राजनीतिक परिस्थितियों की पुनरावृत्ति को रोकना है।

संविधान के 130वें संशोधन के तहत तैयार किए गए इस विधेयक में बेहद कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके अनुसार, यदि देश का कोई भी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री गंभीर अपराध के आरोप में लगातार 30 दिनों तक जेल में रहता है, तो वह स्वतः ही अपने संवैधानिक पद से हट जाएगा।

- Advertisement -

केजरीवाल प्रकरण के बाद आवश्यक हुआ नया कानून, जेपीसी सौंप सकती है रिपोर्ट

गौरतलब है कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शराब नीति घोटाले में गिरफ्तार किया गया था। वे पांच महीने से अधिक समय तक तिहाड़ जेल में रहे, लेकिन उन्होंने पद से इस्तीफा नहीं दिया था। इस घटनाक्रम ने देश में एक नई कानूनी और संवैधानिक बहस को जन्म दे दिया था।

विपक्षी दलों के भारी विरोध के कारण इस विवादास्पद विधेयक को पहले संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजा गया था। सूत्रों के अनुसार, जेपीसी आगामी 17 जुलाई को अपनी अंतिम रिपोर्ट को मंजूरी दे सकती है। इसके बाद सरकार इसे मानसून सत्र के दौरान पटल पर रख सकती है।

पांच साल या उससे अधिक की सजा वाले गंभीर मामलों पर ही लागू होगा नियम

इस नए कानून को केवल उन गंभीर आपराधिक मामलों पर लागू किया जाएगा, जिनमें न्यूनतम पांच साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले सत्रों में भी इससे संबंधित कुछ महत्वपूर्ण संकेत दिए थे। हालांकि, कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए कुछ सुरक्षा उपाय भी जोड़े जा रहे हैं।

दूसरी तरफ, प्रमुख विपक्षी दलों ने इस पूरे विधेयक को अलोकतांत्रिक और प्राकृतिक न्याय के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ बताया है। विपक्ष का तर्क है कि अदालत से अंतिम सजा मिलने से पहले, केवल हिरासत या न्यायिक रिमांड के आधार पर किसी जनप्रतिनिधि को पद से हटाना पूरी तरह गलत है।

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Related Articles