Shimla News: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार, प्रशासनिक दुरुपयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह नाकाम रही है।
सांसद डॉ. सिकंदर कुमार बुधवार को भाजपा के जिला महासू प्रशिक्षण महाभियान के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस समय कानून और व्यवस्था के मोर्चे पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय केवल राजनीतिक प्रतिशोध में व्यस्त है।
प्रूनिंग कैंची खरीद मामले में सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप
डॉ. सिकंदर कुमार ने हाल ही में सामने आए प्रूनिंग कैंची खरीद मामले को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले लगभग 4,300 रुपये की बोली को जानबूझकर निरस्त किया गया। बाद में इसी सामग्री को करीब 5,800 रुपये प्रति कैंची की महंगी दर पर खरीदा गया।
सांसद ने इसे सरकारी धन का खुला दुरुपयोग करार देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि इस घोटाले में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ तुरंत कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। जनता के टैक्स के पैसे का इस तरह से नुकसान बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धर्मशाला नगर निगम में अवैध कब्जों पर दोहरा रवैया अपनाने का दावा
सांसद ने धर्मशाला नगर निगम में सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों का मामला भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ऐसे मामलों में दोहरा मापदंड अपना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी जनप्रतिनिधि ने सरकारी जमीन दबाई है, तो कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा इस मामले की पारदर्शी जांच का पूरा समर्थन करती है। लेकिन कांग्रेस सरकार इस समय प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करके केवल विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है। राजनीतिक द्वेष की भावना से की जा रही इस तरह की एकतरफा कार्रवाई पूरी तरह निंदनीय है।
स्थानीय निकायों के चुनावों में नियमों की अनदेखी के आरोप
डॉ. सिकंदर कुमार ने स्थानीय निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनावों में हो रही देरी पर भी सरकार को घेरा। उनका आरोप है कि जहां कांग्रेस पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत है, वहां चुनाव प्रक्रिया को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार वहां जल्दबाजी में फैसले ले रही है।
इसके विपरीत जिन निकायों में भाजपा समर्थित प्रतिनिधियों का बहुमत है, वहां प्रशासनिक रोड़े अटकाए जा रहे हैं। सरकार नियमों में बदलाव करके और कानूनी पेचीदगियों के जरिए चुनावों को लगातार टाल रही है। यह सीधे तौर पर जनता के जनादेश और लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला अपमान है।
विकास के मोर्चे पर विफल और 2027 में सत्ता से बाहर होने का दावा
राज्यसभा सांसद ने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश के अधिकारी और कर्मचारी इस समय भारी राजनीतिक दबाव में काम कर रहे हैं। कांग्रेस सरकार विकास के हर मोर्चे पर पूरी तरह फेल साबित हुई है। राज्य के किसान, बागवान, युवा, महिलाएं और कर्मचारी सरकार की गलत नीतियों से परेशान हैं।
उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव और घर-घर जाकर इस भ्रष्टाचार को जनता के सामने बेनकाब करें। प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार नाजुक होती जा रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि साल 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता इस सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।

