Himachal News: बद्दी-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र के काठा में स्थित मार्क एंटरप्राइजेज पंखा उद्योग में बुधवार देर शाम भीषण आग लग गई। इस भयंकर अग्निकांड से उद्योग की तीसरी मंजिल पूरी तरह जलकर राख हो गई। हादसे में लाखों रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
बद्दी में पंखा बनाने वाली कंपनी में भयंकर अग्निकांड
मार्क एंटरप्राइजेज नामक इस नामचीन उद्योग में बड़े पैमाने पर बिजली के पंखों का निर्माण किया जाता है। फैक्टरी की तीसरी मंजिल से अचानक धुआं और आग की ऊंची लपटें उठती देख परिसर में हड़कंप मच गया। इसके बाद पूरी औद्योगिक घाटी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि दुर्घटना के समय सभी कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकल आए। इस दर्दनाक हादसे में किसी भी श्रमिक के हताहत होने या झुलसने की कोई सूचना नहीं मिली है। फैक्टरी प्रबंधन ने तुरंत स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड को सूचित किया।
दमकल विभाग को आग बुझाने में आई भारी परेशानी
औद्योगिक नियमों के विपरीत कंपनी परिसर में सेटबैक के लिए पर्याप्त खाली जगह नहीं छोड़ी गई थी। इस बड़ी लापरवाही के कारण दमकल विभाग के वाहनों को फैक्टरी के भीतर प्रवेश करने और राहत कार्य चलाने में बहुत भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बद्दी दमकल विभाग की टीम सूचना मिलते ही तुरंत अत्याधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। आग की भयावह स्थिति को देखते हुए तुरंत बिरला टैक्सटाइल, वर्धमान और नालागढ़ से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को आपातकालीन सहायता के लिए मौके पर बुलाया गया।
फायर ब्रिगेड के जवानों ने सूझबूझ दिखाते हुए बड़ी क्रेन की मदद ली। क्रेन के जरिए तीसरी मंजिल तक पहुंचकर जवानों ने पानी की बौछारें कीं। करीब पांच दमकल गाड़ियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार इस भीषण आग पर काबू पाया।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी और शॉर्ट सर्किट की आशंका
फायर विभाग के अधिकारी हेमराज ठाकुर ने बताया कि बुधवार रात लगभग 10 बजे उन्हें आग की सूचना मिली थी। उनकी टीम ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए आग को आगे फैलने से रोका। विभाग अब आसपास की अन्य औद्योगिक संपत्तियों को सुरक्षित बचाने में जुटा है।
चिंता की बात यह है कि पिछले एक साल के दौरान इसी पंखा फैक्टरी में आग लगने की यह दूसरी बड़ी घटना है। बार-बार होने वाले इन हादसों ने उद्योग की सुरक्षा व्यवस्थाओं और फायर एनओसी के दावों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
दमकल विभाग की प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को ही आग लगने का मुख्य संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारी असली कारणों का पता लगाने के लिए फैक्टरी के भीतर गहन तकनीकी जांच के बाद ही किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचेंगे।
Author: Sunita Gupta

