World News: ईरान ने साफ कर दिया है कि वह ठोस गारंटी और पक्के नतीजों के बिना अमेरिका के साथ किसी भी नए समझौते को मंजूरी नहीं देगा। ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने वाशिंगटन को यह दो टूक चेतावनी जारी की है।
तेहरान ने कहा कि जब तक ईरानी लोगों के अधिकारों की पूरी तरह रक्षा नहीं हो जाती, तब तक अमेरिका के साथ कोई नया समझौता संभव नहीं है। दोनों देशों के बीच महीनों से जारी कूटनीतिक कोशिशें फिलहाल गहरे गतिरोध में फंसी हुई दिखाई दे रही हैं।
ईरानी संसद के स्पीकर गालिबाफ का यह बड़ा बयान उन मीडिया रिपोर्टों के बाद आया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तेहरान को एक संशोधित प्रस्ताव भेजने का दावा किया गया था। इस नए अमेरिकी प्रस्ताव में पहले से कहीं ज्यादा कड़ी शर्तें जोड़ी गई हैं।
वाशिंगटन के केवल खोखले वादों पर आगे नहीं बढ़ेगा तेहरान
दोबारा संसद अध्यक्ष पद की शपथ लेने के बाद गालिबाफ ने एक वर्चुअल सत्र में अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तेहरान सिर्फ खोखले वादों के आधार पर आगे नहीं बढ़ेगा। ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी ने इस महत्वपूर्ण बयान को प्रमुखता से प्रसारित किया है।
गालिबाफ ने कड़े शब्दों में कहा कि ईरान को अमेरिकी प्रशासन के वादों पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि जब तक ईरान के राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित नहीं किया जाता, तब तक सरकार किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते को अपनी मंजूरी नहीं देगी।
ईरानी मुख्य वार्ताकार के मुताबिक दुश्मन के शब्दों और वादों का कोई मोल नहीं होता। हमारा एकमात्र पैमाना यही है कि हम अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करने से पहले ठोस नतीजे हासिल करें। देश के लोगों के अधिकारों की रक्षा करना ही हमारी पहली प्राथमिकता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को भेजा बेहद सख्त और संशोधित प्रस्ताव
अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस की ताजा रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप प्रशासन ने ईरान को हाल ही में एक नया संशोधित प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में काफी सख्त शर्तें डाली गई हैं। हालांकि वाशिंगटन ने अभी इसकी विस्तृत जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया है।
जानकारों का दावा है कि वाशिंगटन किसी भी अंतिम समझौते पर पहुंचने से पहले तेहरान से ज्यादा मजबूत और लिखित प्रतिबद्धताओं की मांग कर रहा है। इसी कूटनीतिक खींचतान के बीच दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बयानों ने वैश्विक स्तर पर हलचल बढ़ा दी है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि वाशिंगटन और तेहरान एक बहुत अच्छे समझौते के करीब पहुंच चुके हैं। ट्रंप के मुताबिक ईरान ने उनकी सबसे प्रमुख शर्त मान ली है कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके साथ ही तेहरान को एक गंभीर चेतावनी भी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर वर्तमान बातचीत किसी वजह से विफल होती है, तो अमेरिका अपनी शर्तों को मनवाने के लिए कोई दूसरा सख्त रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेगा।
Author: Pallavi Sharma


