Delhi News: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 12वीं के नतीजे घोषित होने के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। देश भर में कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर छात्र लगातार गंभीर सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच बोर्ड आज से उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू कर रहा है।
अंकों की इस गड़बड़ी से परेशान रिकॉर्ड चार लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने अपनी कॉपियां दोबारा देखने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। बोर्ड के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस साल कुल 11 लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपियों की भारी मांग दर्ज की गई है।
सीबीएसई पोर्टल पर आज सुबह से ही कॉपियों के ऑनलाइन वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू होनी थी। हालांकि तकनीकी गड़बड़ी के कारण बोर्ड की मुख्य वेबसाइट का सर्वर अचानक क्रैश हो गया। वर्तमान में पोर्टल पर साइट के मेंटेनेंस और जल्द उपलब्ध होने का संदेश दिखाई दे रहा है।
इस साल बोर्ड के पास पहुंचे रिकॉर्ड तोड़ आवेदन
सीबीएसई की रिपोर्ट के अनुसार इस साल कुल 4,04,319 परीक्षार्थियों ने अपनी जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल कॉपी पाने के लिए आवेदन किया है। इन सभी परेशान छात्रों ने मिलकर कुल 11,31,961 कॉपियों की मांग बोर्ड के सामने रखी है।
शिक्षा बोर्ड अब तक करीब 8.98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं छात्रों को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध करा चुका है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार आवेदनों की यह संख्या काफी अधिक मानी जा रही है। इससे परीक्षा परिणामों को लेकर छात्रों की बढ़ती चिंता साफ झलकती है।
नई डिजिटल ओएसएम मूल्यांकन प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
सीबीएसई ने इस बार पहली बार उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए आधुनिक ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया था। इस नई प्रणाली के तहत सभी परीक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर स्कैन की गई डिजिटल कॉपियों का मूल्यांकन करते हैं। बोर्ड इसे तेज और पारदर्शी बताता है।
इसके उलट नतीजे आने के बाद छात्रों ने इस पूरी डिजिटल व्यवस्था पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। कई मेधावी छात्रों का दावा है कि उन्हें उम्मीद से बेहद कम नंबर मिले हैं। कॉपियों की स्कैनिंग में तकनीकी कमियों के कारण कई उत्तरों की जांच ही नहीं हुई।
पीड़ित छात्रों की ऐसी दर्जनों शिकायतें और अधूरी जांची गई कॉपियों के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस डिजिटल लापरवाही को लेकर छात्र संगठनों और अभिभावकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। इसके बाद से यह पूरा मामला काफी गरमा गया है।
अभिभावकों के भारी विरोध के बाद फीस में बड़ी कटौती
अभिभावकों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए सीबीएसई ने अपनी पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं की फीस में बड़ा बदलाव किया है। अब कोई भी छात्र केवल 100 रुपए प्रति विषय का मामूली शुल्क देकर अपनी स्कैन की हुई उत्तर पुस्तिका सीधे डाउनलोड कर सकता है।
बोर्ड ने अंकों के दोबारा मिलान यानी वेरिफिकेशन के लिए भी अब केवल 100 रुपए प्रति विषय की फीस तय की है। हालांकि री-इवैल्यूएशन के लिए छात्रों को प्रति प्रश्न के आधार पर अलग से तय फीस का भुगतान ऑनलाइन मोड में करना होगा।
इस बीच देश में आईसीएसआई की सीएस जून 2026 की महत्वपूर्ण परीक्षाएं भी कल से शुरू होने जा रही हैं। सीबीएसई प्रशासन का कहना है कि फीस कम करने का मुख्य उद्देश्य गरीब छात्रों को राहत देना और उन्हें अपनी उत्तर पुस्तिकाओं को सुधारने का मौका देना है।
जानिए कौन से छात्र करा सकते हैं कॉपियों की दोबारा जांच
जो छात्र अपने अंतिम अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट से अपनी मूल स्कैन कॉपी डाउनलोड करें। इसके बाद सभी उत्तरों और कुल अंकों के जोड़ को ध्यान से देखें। किसी भी प्रकार की मानवीय भूल दिखने पर सुधार की अपील करें।
यदि किसी प्रश्न की जांच नहीं हुई है, तो छात्र तुरंत अंकों के वेरिफिकेशन के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरें। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि पुनर्मूल्यांकन के बाद छात्रों के नंबर बढ़ भी सकते हैं और घट भी सकते हैं। अंतिम प्रक्रिया के बाद जारी अंक ही मान्य होंगे।
कॉपियों की री-इवैल्यूएशन के लिए ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई
आवेदन के लिए सबसे पहले सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाएं। इसके बाद मुख्य होमपेज पर एक्टिव दिख रहे “Re-evaluation/Verification of Marks 2026” लिंक पर क्लिक करें। लिंक खुलते ही छात्र अपना रोल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी दर्ज करें।
पोर्टल पर सुरक्षित लॉगिन करने के बाद अपने पसंदीदा विषयों का चयन करें। इसके बाद तय शुल्क का भुगतान करें और अपनी स्कैन की हुई कॉपी डाउनलोड करें। कॉपियों की जांच के बाद संतुष्ट न होने पर समय सीमा के भीतर री-इवैल्यूएशन का फॉर्म सबमिट कर दें।
Author: Rashmi Sharma


