Technology News: भारत में इस साल त्योहारी सीजन के दौरान स्मार्टफोन की मांग में भारी गिरावट आ सकती है। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण नए फोन की वार्षिक बिक्री 30 परसेंट तक गिर सकती है। एक नए संयुक्त अध्ययन के अनुसार साल 2026 की दूसरी छमाही में स्मार्टफोन की 54 परसेंट संभावित मांग पूरी तरह खतरे में है।
ट्रैकिन टेक और टेकआर्क की संयुक्त रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले दावे किए गए हैं। अगर हैंडसेट की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आधे से ज्यादा खरीदार त्योहारों के छह महीनों (जुलाई से दिसंबर) के दौरान अपनी खरीदारी टाल देंगे। इसके अलावा बड़ी संख्या में ग्राहक अब पुराने स्मार्टफोन बाजार का रुख कर रहे हैं।
बजट सेगमेंट के स्मार्टफोन पर महंगाई की सबसे तगड़ी मार
अध्ययन में शामिल 5,958 सक्रिय खरीदारों में से 48 प्रतिशत ने अपनी खरीदारी रोकने की बात कही है। ये लोग कीमतें स्थिर होने तक नया फोन नहीं खरीदेंगे। इस महंगाई के पीछे एनएएनडी फ्लैश और डीआरएएम मेमोरी चिप की वैश्विक कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी सबसे मुख्य वजह है।
जनवरी 2025 से मई 2026 के बीच इन सेमीकंडक्टर चिप की लागत काफी ज्यादा बढ़ गई। ये दोनों चिप स्मार्टफोन की स्टोरेज और वर्किंग मेमोरी के लिए बहुत जरूरी होती हैं। किसी भी फोन की कुल मैन्युफैक्चरिंग लागत में इन मेमोरी चिप का हिस्सा लगभग 40 प्रतिशत तक होता है।
चिप की कमी का सबसे ज्यादा बुरा असर एंट्री-लेवल और बजट सेगमेंट के मोबाइलों पर पड़ा है। इस वजह से आम उपभोक्ताओं के बजट वाले फोन काफी महंगे हो गए हैं। ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त भार बढ़ने से अब पूरा स्मार्टफोन बाजार प्रभावित हो रहा है।
सेकंड हैंड मोबाइल बाजार को मिलेगा ऐतिहासिक बढ़ावा
नए फोन महंगे होने से देश में इस्तेमाल किए हुए (प्री-ओन्ड) स्मार्टफोन का बाजार तेजी से चमकेगा। सर्वे में शामिल छह प्रतिशत खरीदारों ने रिफर्बिश्ड या पहले से इस्तेमाल किए गए डिवाइस खरीदने की इच्छा जताई है। यह बदलाव बाजार में 60 से 70 लाख अतिरिक्त यूनिट्स की बिक्री बढ़ाएगा।
कोवासा की रिपोर्ट के मुताबिक पुराना स्मार्टफोन बाजार जो आमतौर पर 2.3 से 2.5 करोड़ इकाई के बीच रहता है, वह इस साल ऐतिहासिक छलांग लगाएगा। अनुमान है कि यह सेकेंड हैंड बाजार बढ़कर 3 से 3.2 करोड़ इकाई तक पहुंच सकता है। लोग नए फोन की जगह पुराने फोन खरीदना बेहतर मान रहे हैं।
Author: Mohit

