Delhi News: भारत और अमेरिका के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण व्यापारिक बैठक सोमवार से शुरू होने जा रही है। दोनों देशों के मुख्य वार्ताकार इस चार दिवसीय बैठक में अंतरिम व्यापार समझौते के मसौदे को अंतिम रूप देंगे। इस ऐतिहासिक वार्ता से वैश्विक व्यापारिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। पूरी दुनिया की नजरें इस महाबैठक पर टिकी हैं।
इस उच्च स्तरीय बैठक में अमेरिकी दल का नेतृत्व उनके मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं। वहीं भारतीय दल की कमान वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन के हाथों में है। इसके अलावा भारत और ओमान के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता आज से पूरी तरह लागू हो जाएगा। दोनों देश सोमवार को इसका औपचारिक एलान करेंगे।
बाजार पहुंच और आर्थिक सुरक्षा पर होगी गंभीर चर्चा
वाणिज्य मंत्रालय ने बैठक के मुख्य एजेंडे पर जरूरी जानकारी साझा की है। दोनों देश व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर अपनी बातचीत को आगे बढ़ाएंगे। इसमें बाजार पहुंच, गैर-शुल्क उपायों और सीमा शुल्क जैसे मुद्दे शामिल हैं। दोनों दल आर्थिक सुरक्षा और निवेश प्रोत्साहन पर भी ठोस रणनीति तैयार करेंगे।
भारत और अमेरिका ने सात फरवरी को एक संयुक्त बयान जारी किया था। इस दौरान दोनों देशों ने पारस्परिक रूप से लाभकारी अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर अपनी सहमति व्यक्त की थी। अब दोनों पक्षों के अधिकारियों को इस जटिल समझौते के कानूनी मसौदे को पूरी तरह अंतिम रूप देना होगा। यह वार्ता काफी महत्वपूर्ण है।
बदलते वैश्विक नियमों के बीच नए समझौते की तैयारी
पुरानी रूपरेखा के तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का वादा किया था। उसने रूसी तेल खरीदने पर लगने वाले 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क को हटाने की बात भी कही थी। लेकिन अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसलों और नए वैश्विक बदलावों के कारण यह अहम बैठक स्थगित हो गई थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कुछ समय पहले सभी देशों पर दस प्रतिशत नया शुल्क लगाने की घोषणा की थी। इन अप्रत्याशित नीतिगत बदलावों के मद्देनजर दोनों देशों के वार्ताकारों को नए सिरे से नियम तय करने पड़ रहे हैं। भारत अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए अमेरिकी अधिकारियों के सामने मजबूती से अपना पक्ष रख रहा है।
Author: Rajesh Kumar

