बेंगलुरु की लाखों की नौकरी छोड़ गांव लौटी यह बेटी, चुनाव में कांग्रेस दिग्गज को चटाई धूल, राजनीति में मचाया तहलका

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला परिषद चुनाव में इस बार उच्च शिक्षित युवाओं ने अपनी मजबूत धाक जमाई है। यहां के श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के दानाघाटो वार्ड से नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्य अंकिता ठाकुर इन दिनों हर तरफ भारी चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

अंकिता ठाकुर कुछ समय पहले तक बेंगलुरु की एक नामी मल्टीनेशनल कंपनी में लाखों रुपये के पैकेज पर काम कर रही थीं। वे अपनी कॉर्पोरेट नौकरी को छोड़कर अचानक अपने गृह राज्य वापस लौट आईं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए राजनीति में कदम रखा है।

सिरमौर का यह दानाघाटो जिला परिषद वार्ड इस बार ओपन महिला श्रेणी के लिए आरक्षित घोषित हुआ था। इसके बाद भाजपा ने अंकिता ठाकुर की मजबूत पारिवारिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए उन्हें तुरंत इस सीट से अपना आधिकारिक उम्मीदवार बना दिया था।

कंप्यूटर साइंस में बीटेक और आईटी में किया है एमबीए

वर्तमान में 37 वर्षीय अंकिता ठाकुर की शैक्षणिक योग्यता काफी शानदार है। उन्होंने वाकनाघाट स्थित मशहूर जेपी यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस विषय में बीटेक की डिग्री ली है। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) में एमबीए की उच्च शिक्षा पूरी की।

उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने करीब 10 सालों तक बेंगलुरु की बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में शानदार नौकरी की थी। वे कुछ महीने पहले ही बेंगलुरु से अपने घर वापस आई थीं। अंकिता ठाकुर का पूरा परिवार लंबे समय से सक्रिय राजनीति से जुड़ा हुआ है।

अंकिता ठाकुर के दादा सहीराम ठाकुर लंबे समय तक संगड़ाह पंचायत समिति के प्रतिष्ठित अध्यक्ष रहे हैं। उनके पिता बलवीर सिंह ठाकुर भी वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी के सक्रिय सदस्य हैं। उनका क्षेत्र की राजनीति में काफी अच्छा प्रभाव माना जाता है।

प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार को बड़े वोटों के अंतर से हराया

जिला परिषद के इस कड़े चुनावी मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी अंकिता ठाकुर ने एकतरफा प्रदर्शन किया है। चुनाव में उन्हें कुल 10,939 वोट हासिल हुए। उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी राधा देवी को 3,222 वोटों के एक बहुत बड़े अंतर से हरा दिया।

इस चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार राधा देवी को केवल 7,717 वोट ही मिल सके। अंकिता ठाकुर के पिता और भाई का हरिपुरधार क्षेत्र में अपना एक बड़ा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और एक शानदार होटल का व्यवसाय है। इस जीत से भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है।

यह जीत भाजपा के लिए इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र को पारंपरिक रूप से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता है। इस क्षेत्र में केवल एक बार उपचुनाव को छोड़कर हमेशा कांग्रेस के ही विधायक जीतते आ रहे हैं।

इससे पहले यहां जिला परिषद सदस्य भी हमेशा कांग्रेस पार्टी के ही जीतते थे। लेकिन इस बार इतिहास पूरी तरह बदल गया है। पहली बार श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के सभी तीनों जिला परिषद वार्डों में भाजपा प्रत्याशियों ने प्रचंड जीत हासिल की है।

Author: Sunita Gupta

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