नेपाल में बिजली पर लगा वैट वापस नहीं लेगी सरकार, वित्त मंत्री ने साफ तौर पर किया बड़ा और अंतिम फैसला

Nepal News: पड़ोसी देश नेपाल से एक बहुत बड़ी आर्थिक खबर सामने आ रही है। नेपाल के वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने आज एक महत्वपूर्ण नीतिगत घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार बिजली पर लगाए गए मूल्य अभिवृद्धि कर (वैट) को किसी भी कीमत पर वापस नहीं लेगी।

वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने काठमांडू में आयोजित एक विशेष चर्चा कार्यक्रम में यह बात कही। नेपाल आर्थिक पत्रकार संघ के इस मंच पर उन्होंने बजट के बाद के हालात पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार वैट लगाने के अपने फैसले पर पूरी तरह अडिग रहेगी।

सरकार इस बात का पूरा ध्यान रख रही है कि टैक्स का अतिरिक्त बोझ सीधे आम जनता पर न पड़े। इसके लिए प्रशासन विभिन्न व्यावहारिक विकल्पों पर बहुत तेजी से काम कर रहा है। सरकार जल्द ही बिजली नियामक आयोग के माध्यम से विद्युत शुल्क में जरूरी समायोजन करेगी।

प्रशासन निम्न आय वर्ग वाले गरीब परिवारों को मिलने वाली मुफ्त बिजली की यूनिट बढ़ाने पर विचार कर रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि वैट से पीछे हटने का कोई सवाल नहीं उठता। सरकार अंतिम उपभोक्ताओं को इस टैक्स के सीधे प्रभाव से पूरी तरह सुरक्षित रखेगी।

जनता के बीच टैक्स को लेकर फैलाई जा रही हैं झूठी अफवाहें

वित्त मंत्री वाग्ले ने कहा कि बिजली पर लगे 5 प्रतिशत वैट को लेकर बाजार में झूठी चिंताएं फैलाई जा रही हैं। उपभोक्ताओं को पहले से ही 50 यूनिट बिजली बिल्कुल मुफ्त मिल रही है। इस वजह से आम जनता पर वास्तविक कर का प्रभावी भार बहुत ही कम पड़ेगा।

उन्होंने गणितीय उदाहरण देते हुए बताया कि 150 यूनिट बिजली खपत करने वाले परिवार पर प्रभावी कर दर केवल 3 प्रतिशत के आसपास ही रहेगी। एक सामान्य मासिक बिजली बिल 800 से 900 रुपये का आता है। इस पर वैट के कारण अतिरिक्त भार सिर्फ 24 रुपये ही पड़ेगा।

इस छोटे से बदलाव को समाज में जानबूझकर एक बहुत बड़े संकट की तरह पेश किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने नए वित्तीय वर्ष के बजट की खूबियों की सराहना की। उन्होंने इस बजट को देश के बड़े आर्थिक सुधारों की मजबूत आधारशिला बताया है।

युवाओं को देश के भीतर ही मिलेंगे रोजगार के बंपर अवसर

नया बजट नेपाल के भीतर ही युवा स्नातकों के लिए हर महीने एक लाख रुपये तक कमाने के सुनहरे अवसर पैदा करेगा। सरकार ने एक मिलियन रुपये तक की सालाना आय पर पूरी तरह टैक्स छूट दी है। इस क्रांतिकारी कदम से बाजार में नकदी बढ़ेगी।

निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने उच्च आय वर्ग पर लगने वाले 39 प्रतिशत कर को 10 प्रतिशत अंक तक कम करने का फैसला किया है। पुराने बकाया करों के निपटान के लिए व्यवसायी अब केवल 1 प्रतिशत प्रशासनिक शुल्क देकर पूरी राहत पा सकते हैं।

सरकार इस साल नेपाल टेलिकम के शेयर भी आम जनता के लिए जारी करने की तैयारी में है। राष्ट्रीय वाणिज्य बैंक को सुदृढ़ बनाने के साथ नेपाल एयरलाइंस और नेपाल विद्युत प्राधिकरण का व्यापक पुनर्गठन होगा। बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स के लिए अब सीधे अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड जारी होंगे।

Author: Pallavi Sharma

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