Mumbai News: पश्चिमी रेलवे ने मुंबई में अपनी जमीन से अवैध कब्जे हटाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। बॉम्बे हाई कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद, बांद्रा रेलवे स्टेशन के समीप स्थित गरीब नगर इलाके में रेलवे ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस पांच दिवसीय अभियान के पहले दिन ही करीब 18 प्रतिशत अवैध झोपड़ियों को हटा दिया गया है।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 5,300 वर्ग मीटर रेलवे भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना है। यह जमीन यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशन के विकास कार्यों के लिए बेहद जरूरी है। यह विशेष अभियान 23 मई तक लगातार जारी रहेगा, जिसमें प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।
बांद्रा टर्मिनस का बदलेगा स्वरूप
रेलवे की योजना बांद्रा टर्मिनस को एक आधुनिक और एकीकृत परिसर के रूप में विकसित करने की है। भविष्य की योजनाओं में यहाँ एलिवेटेड रोड, बहुमंजिला इमारतों का निर्माण, अतिरिक्त प्लेटफार्म और बेहतर रखरखाव सुविधाओं को शामिल किया गया है। यह विकास कार्य मुंबई के यात्रियों के लिए आवागमन को और अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बना देगा।
अतिक्रमण विरोधी इस अभियान को सफल बनाने के लिए रेलवे ने नागरिक प्रशासन, स्थानीय पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया है। अधिकारियों का दावा है कि अभियान को पूरी तरह से मानवीय तरीके से अंजाम दिया जा रहा है, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रहे और किसी को अनावश्यक परेशानी न हो।
नौ साल पुरानी कानूनी जंग का अंत
रेलवे के अनुसार, यह बेदखली प्रक्रिया अचानक नहीं शुरू हुई है। इस मामले में सार्वजनिक परिसर अधिनियम के तहत कार्यवाही साल 2017 से ही चल रही थी। पहली बार बेदखली के आदेश 27 नवंबर, 2017 को पारित किए गए थे। पिछले नौ वर्षों से यह मामला बॉम्बे हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी दांव-पेंचों में उलझा हुआ था।
अधिकारियों ने जानकारी दी है कि बॉम्बे हाई कोर्ट के 29 अप्रैल, 2026 के ताजा आदेश ने इस प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है। न्यायालय ने उन संरचनाओं को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है जो पात्रता की श्रेणी में आती हैं, जबकि बाकी सभी अनधिकृत अतिक्रमणों को तुरंत हटाने की अनुमति प्रदान की है।
Author: Sachin Kulkarni


