लद्दाख में डिजिटल जनगणना 2027 का शंखनाद: एलजी वीके सक्सेना ने भरा पहला सेल्फ-एन्यूमरेशन फॉर्म

Ladakh News: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में रविवार को जनगणना 2027 की प्रक्रिया का औपचारिक शंखनाद हो गया है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने लेह में अपना ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन फॉर्म’ भरकर इस राष्ट्रव्यापी महाअभियान की शुरुआत की। इसके साथ ही उन्होंने आधिकारिक तौर पर सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल को भी लॉन्च किया।

इस ऐतिहासिक मौके पर उपराज्यपाल के साथ लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के प्रमुख जनगणना अधिकारी अमित शर्मा सहित प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। लद्दाख के साथ-साथ रविवार से जम्मू-कश्मीर में भी इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है, जो बेहद तकनीकी और आधुनिक होगी।

केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लद्दाख की पहली जनगणना

उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने क्षेत्र के सभी निवासियों से इस देशव्यापी डिजिटल अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि जनगणना देश के लिए सटीक नीतियां बनाने, संसाधनों का सही बंटवारा करने और समग्र विकास को एक नई और सही दिशा देने में मील का पत्थर साबित होती है।

उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि साल 2019 में केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने के बाद लद्दाख की यह सबसे पहली जनगणना है। इसके अलावा, यह भारत के इतिहास की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होने जा रही है, जिसमें आधुनिकतम मोबाइल ऐप और ऑनलाइन तकनीक का उपयोग किया जाएगा।

दो चरणों में पूरी होगी पूरी प्रक्रिया, जानिए पूरा शेड्यूल

प्रमुख जनगणना अधिकारी अमित शर्मा ने इस महाअभियान के विस्तृत शेड्यूल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में इस पूरी प्रक्रिया को दो मुख्य चरणों में व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाएगा। अभियान का पहला चरण ‘हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन’ 1 जून से 30 जून 2026 तक संचालित होगा।

इससे ठीक पहले, नागरिकों की सुविधा के लिए 17 मई से 31 मई 2026 तक 15 दिनों की ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ अवधि निर्धारित की गई है। इस दौरान कोई भी आम नागरिक आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी पूरी जानकारी खुद दर्ज कर सकेगा। इसके बाद सितंबर 2026 तक लद्दाख में जनसंख्या की वास्तविक गणना पूरी की जाएगी।

Author: Rigzin Namgyal

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