Imphal News: मणिपुर में छह नागा नागरिकों के कथित अपहरण ने तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। इसके विरोध में कोउब्रू रेंज लियांगमाई महिला संघ ने कांगलाटोंगबी और आसपास के नागरिक समाज संगठनों के साथ मिलकर मंगलवार को एक बड़ी रैली निकाली। प्रदर्शनकारी सभी अपहृत नागरिकों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की पुरजोर मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि ये छह नागरिक 13 मई को कांगपोकपी जिले के लेइलोन वाइफेई गांव से कुकी सशस्त्र उग्रवादियों द्वारा अगवा किए गए थे। माखन गांव से शुरू हुई यह रैली नामदिलांग गांव तक गई। हाथों में तख्तियां लिए लोगों ने केंद्र और राज्य सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की जोरदार अपील की।
सरकार का भरोसा और मुख्यमंत्री का बयान
अपहृत लोगों के परिजन और लियांगमाई नागा समूहों का एक प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे पर मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह से मिला। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें विश्वास दिलाया कि सरकार राज्य के पहाड़ी जिलों में उत्पन्न इस तनावपूर्ण स्थिति को शांत करने और अपहृत लोगों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
सरकार ने इस मामले को अत्यधिक संवेदनशील बताते हुए कहा है कि प्रशासन सभी पक्षों के साथ संपर्क में है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक उनके समुदाय के सदस्य सुरक्षित घर नहीं लौट आते। स्थानीय नागरिकों के बीच डर और गुस्से का माहौल है, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
नागरिक समाज संगठनों की सख्त चेतावनी
विभिन्न नागरिक समाज संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन और उग्र हो सकता है। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। वे बिना किसी शर्त के इन लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की मांग पर अड़े हैं।
इस घटना ने घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों के बीच पहले से बने अविश्वास को और गहरा कर दिया है। सरकार के लिए चुनौती यह है कि वह जल्द से जल्द शांति बहाल करे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। प्रशासन की नजरें अब इस मामले में आगे की कूटनीतिक और सुरक्षा संबंधी प्रयासों पर टिकी हुई हैं।
Author: Vikram Naik


