World News: अमेरिका-ईरान युद्ध को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार रात कई बड़े दावे किए। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह से ठप हो गई है। ट्रंप के अनुसार, ईरान की नौसेना, वायुसेना और रडार सिस्टम अब काम नहीं कर रहे हैं और उनके नेता बेबस हो गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान ने अपने परमाणु हथियार छोड़ने पर सहमति दे दी है।
ईरान अमेरिका से बातचीत करना चाहता है: ट्रंप
ट्रंप नेकहा कि ईरान अब अमेरिका से बातचीत करना चाहता है। उन्होंने बताया कि ईरान के साथ वार्ता मार्को रुबियो और जेडी वेंस के साथ मिलकर चल रही है। इससे पहले सोमवार को ट्रंप ने कहा था कि उनके रक्षा सचिव पीट हेगसेथ वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने सैन्य कार्रवाई के लिए जोर दिया था। ट्रंप ने हेगसेथ के हवाले से कहा, ‘चलो ऐसा करते हैं, क्योंकि आप उन्हें परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते।’
बिजली उत्पादन केंद्र नष्ट करने का दावा
ट्रंप नेअपने सैन्य अभियान की जानकारी देते हुए कहा, ‘हम ईरान के शहर में स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं और आज हमने सबसे बड़ा बिजली उत्पादन केंद्र नष्ट कर दिया।’ उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। हालांकि, ट्रंप के इन दावों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
डेडलाइन बढ़ाई गई, कहानी बदलती रही
ट्रंप नेईरान के लिए सोमवार तक की डेडलाइन तय की थी कि वह मांगें पूरी करे या आगे और हमले झेले। अब इस डेडलाइन को पांच दिन और बढ़ा दिया गया है। ट्रंप पहले युद्ध शुरू करने के कई कारण बता चुके हैं। अब वह खुद को इससे अलग करते नजर आ रहे हैं और जिम्मेदारी अपने रक्षा सचिव पर डाल रहे हैं। बदलते जवाबों और बातचीत से इनकार के बीच युद्ध की कहानी उतनी ही तेजी से बदल रही है जितनी तेजी से यह लड़ाई खुद है।
युद्ध की शुरुआत और जिम्मेदारी पर सवाल
ट्रंप केबयानों में लगातार बदलाव से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि युद्ध कैसे शुरू हुआ, यह कहां जा रहा है और आखिरकार इसे शुरू करने का फैसला किसका था। ट्रंप ने खुद को युद्ध से अलग दिखाने की कोशिश की है, जबकि पहले वह सैन्य कार्रवाई के सबसे बड़े समर्थक नजर आ रहे थे। फिलहाल, युद्ध विराम की अवधि बढ़ा दी गई है और बातचीत के प्रयास जारी हैं।


