World News: ओमान के समुद्री तट पर कमर्शियल जहाजों पर हुए अमेरिकी हमलों को लेकर भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इस हमले के बाद चालक दल के तीन भारतीय सदस्य लापता हो गए हैं। नई दिल्ली ने इस गंभीर घटना पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए भारत ने व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है। नई दिल्ली ने बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुद्री जलमार्गों में जहाजों के मुक्त और पूरी तरह बाधारहित आवागमन सुनिश्चित किए जाने की मांग पर विशेष जोर दिया है।
हमलों में कई भारतीयों ने गंवाई अपनी जान
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने वैश्विक मंच को संबोधित करते हुए कहा कि इन सैन्य हमलों में कई भारतीय नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है। इसके अलावा कई निर्दोष नागरिक अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि इस गंभीर पृष्ठभूमि में भारत ने एक बार फिर शांतिपूर्ण संवाद और कूटनीति पर जोर दिया है। वैश्विक नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता में किसी भी तरह की रुकावट या बाधा बिल्कुल नहीं डाली जानी चाहिए।
वाणिज्यिक जहाजों को सैन्य निशाना न बनाए कोई देश
भारत ने वैश्विक मंच से दोटूक कहा कि किसी भी कमर्शियल जहाज को जानबूझकर सैन्य निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही नागरिक आबादी और बुनियादी ढांचों पर भी हमले तुरंत रुकने चाहिए। भारत ने पश्चिम एशिया में जारी इस हिंसक संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने की अपील की है।
भारतीय प्रतिनिधि ने रेखांकित किया कि वैश्विक समुद्री कार्यबल में बहुत बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा भारत सरकार के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भारत इन वाणिज्यिक जहाजों पर होने वाले हमलों का वैश्विक मंच पर दृढ़ता से विरोध करता है।
खाड़ी देशों में रहते हैं एक करोड़ भारतीय नागरिक
भारत सरकार ने सुरक्षा परिषद को याद दिलाया कि इस समय खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक निवास करते हैं। उन सभी प्रवासियों की सुरक्षा और कल्याण नई दिल्ली के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर भारतीय अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाएं निर्भर हैं।
इस बीच नई दिल्ली ने कूटनीतिक स्तर पर भी बड़ा कदम उठाया है। भारत ने बुधवार को अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय में तलब किया। भारत ने ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले पोत पर अमेरिकी हमले को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी का था मामला
यह विवादित हमला तब हुआ जब ‘सेटेबेलो’ नाम के कमर्शियल पोत पर अमेरिकी नौसेना ने अचानक कार्रवाई की। इस जहाज पर कुल 24 भारतीय नागरिक सवार थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्वीकार किया कि यह जहाज ईरान से कच्चा तेल ले जा रहा था और अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस सैन्य कार्रवाई की तीव्र निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि जहाज पर मौजूद 24 भारतीयों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं लापता तीन नागरिकों की तलाश के लिए ओमान में भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है।
Author: Pallavi Sharma


