पीएम मोदी की फ्रांस में ग्रैंड एंट्री: नीस एयरपोर्ट पर हुआ जोरदार स्वागत, होटल में गूंजे ‘मोदी-मोदी’ के नारे

International News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी महत्वपूर्ण कूटनीतिक यात्रा के तहत फ्रांस पहुंच गए हैं। नीस एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वे सीधे होटल पहुंचे, जहां प्रवासी भारतीयों ने उनका बेहद भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया। पूरा परिसर तिरंगे और देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।

राष्ट्रपति मैक्रों से होगी खास मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर नीस पहुंचने की आधिकारिक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि नीस के अलावा इस यात्रा के दौरान एवियन और पेरिस में भी उनके कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय और बहुपक्षीय कार्यक्रम पहले से तय हैं।

इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य दुनिया के प्रमुख साझेदार देशों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों और विकास की रफ्तार को और अधिक मजबूत करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करने और ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बेहद उत्सुक हैं।

होटल के बाहर उमड़ा जनसैलाब

जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी का काफिला होटल पहुंचा, वहां पहले से मौजूद सैकड़ों प्रवासी भारतीय तिरंगा लहराते हुए ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाने लगे। भारतीय समुदाय की इस अद्भुत गर्मजोशी और प्यार ने प्रधानमंत्री को स्पष्ट रूप से बहुत अधिक प्रभावित और भावुक किया।

होटल नेग्रेस्को में प्रधानमंत्री के सम्मान में एक शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस विशेष कार्यक्रम का नाम ‘इकोज ऑफ ट्रेडिशन, स्पिरिट्स ऑफ इनोवेशन’ रखा गया था। इसमें भारत की तीन सबसे प्रमुख शास्त्रीय नृत्य शैलियों का एक सुंदर मिश्रण देखने को मिला।

फ्रांसीसी कलाकारों ने बांधा समां

पंडित मधुप मुद्गल की प्रसिद्ध रचना ‘चरिष्णु’ पर आधारित इस प्रस्तुति में कथक, ओडिसी और भरतनाट्यम का अद्भुत संगम दिखा। फ्रांस की मशहूर कलाकारों इसाबेल अन्ना, क्लो रोमेरो और मारियाना बियाडेन ने अपनी शानदार नृत्य कला से वहां मौजूद सभी दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा कि भले ही ये लोग अपने मूल घर से हजारों किलोमीटर दूर रह रहे हैं, लेकिन भारत के साथ हमारे प्रवासी समुदाय का अनोखा रिश्ता आज भी उतना ही मजबूत और अटूट है। यह कार्यक्रम प्राचीन विरासत और आधुनिक सोच का प्रतीक था।

रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई धार

इस पूरी यात्रा को भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी को एक नई और ऐतिहासिक ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है। रक्षा और तकनीक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए समझौते होने की उम्मीद है, जिससे दोनों लोकतांत्रिक देशों के आर्थिक संबंध भविष्य में और अधिक मजबूत होंगे।

Author: Pallavi Sharma

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories